अब ‘लाडकी बहन’ योजना के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य, ई-केवाईसी के जरिए लाभार्थियों का सत्यापन
Ladki Bahin Yojana: मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहन योजना के तहत अब आधार ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है, जिससे पात्र महिलाओं के सत्यापन और लाभ वितरण की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी बनाई जा सके।
- Written By: आंचल लोखंडे
Ladki Bahin Yojana:मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहन योजना (सोर्सः सोशल मीडिया)
Amravati News: राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उनके स्वास्थ्य व पोषण स्तर में सुधार लाने तथा परिवार में उनकी निर्णयात्मक भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहन योजना के अंतर्गत अब लाभार्थी महिलाओं के लिए आधार प्रमाणीकरण को ई-केवाईसी के माध्यम से अनिवार्य कर दिया गया है।
इस योजना के तहत लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया 18 नवंबर 2025 तक पूरी करना आवश्यक था। ऑनलाइन ई-केवाईसी के दौरान पति या पिता के आधार कार्ड पर ओटीपी प्राप्त कर प्रक्रिया पूरी की जा रही थी। हालांकि, विधवा, परित्यक्ता, घरेलू हिंसा से पीड़ित, तलाकशुदा, एकल महिलाएं अथवा जिनके पिता का निधन हो चुका है, ऐसी महिलाओं को ई-केवाईसी कराने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
ई-केवाईसी गो-ईएमपी
इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ई-केवाईसी की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2025 कर दी गई थी तथा आवेदन में सुधार के लिए ‘एडिट’ विकल्प भी उपलब्ध कराया गया था। बावजूद इसके, विकल्प चयन में भ्रम के कारण कई लाभार्थियों ने गलत विकल्प चुन लिए, जिससे उनके आवेदनों में ‘ई-केवाईसी गो-ईएमपी’ टिप्पणी के साथ स्टेटस ‘रिजेक्ट’ दर्शाया जा रहा है और योजना का लाभ बंद हो गया है।
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आवेदन अस्वीकृत
ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान लाभार्थियों को यह घोषणा करनी थी कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य किसी सरकारी विभाग, उपक्रम, मंडल अथवा केंद्र या राज्य सरकार की संस्था में नियमित कर्मचारी नहीं है और न ही पेंशन प्राप्त कर रहा है। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करना था कि परिवार में केवल एक विवाहित और एक अविवाहित महिला ही योजना का लाभ ले रही है। इन विकल्पों में ‘नहीं’ का चयन होने से अनेक आवेदन अस्वीकृत हो गए हैं।
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दोबारा ई-केवाईसी प्रक्रिया
लाभार्थी महिलाएं अपने आवेदन की स्थिति जानने के लिए सेतु केंद्र, साइबर कैफे, बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय, पंचायत समिति, संबंधित तहसील कार्यालय, शहरी परियोजना कार्यालय अथवा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं। इसके लिए केवल जिला कार्यालय आना आवश्यक नहीं है। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अतुल भडांगे ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया दोबारा पूरी करने हेतु ‘एडिट’ विकल्प पुनः उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
