दर्यापुर में खेती बचाओ कार्यक्रम, किसानों को सेंद्रिय खेती अपनाने की सलाह
Kheti Bachao Program: दर्यापुर तहसील के चंडिकापुर और थिलोरी गांव में कृषि विभाग और आत्मा अमरावती द्वारा आयोजित खेती बचाओ कार्यक्रम में आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई।
Agriculture Department (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Daryapur Agriculture News: अमरावती जिले के दर्यापुर तहसील के ग्राम चंडिकापुर और थिलोरी में खेती बचाओ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह विशेष अभियान आत्मा अमरावती की परियोजना निदेशक अर्चना निसाने और तहसील कृषि अधिकारी आरती साबले के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा चलाया गया। कार्यक्रम में दोनों गांवों के किसानों, कृषि अधिकारियों और किसान समूहों के सदस्यों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कृषि विशेषज्ञों से आधुनिक व वैज्ञानिक खेती की जानकारी ली।
रासायनिक खाद कम करने पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के मुख्य मार्गदर्शक के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र दुर्गापुर के विषय विशेषज्ञ डॉ। महेश आखूड़ उपस्थित थे। उन्होंने किसानों को वर्तमान स्थिति में खेती के दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों, फसलों में लगने वाले कीड़ों व रोगों के प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीक के सही इस्तेमाल के बारे में मार्गदर्शन दिया।
कीट और रोग प्रबंधन के उपाय
कृषि विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों ने कार्यक्रम के दौरान किसानों को पानी के सही प्रबंधन पर जोर देने को कहा। इसके साथ ही मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ाने के लिए रासायनिक खादों का उपयोग कम करने की सलाह दी।
सम्बंधित ख़बरें
29 अगस्त को महाराष्ट्र में फिर होगा बड़ा आंदोलन? मराठा आरक्षण को लेकर जालना से निकले मनोज जरांगे की चेतावनी
नवभारत संपादकीय: मोहन भागवत का संदेश, Gen-Z को राष्ट्रविरोधी नहीं मान सकते, नेतृत्व पर भी दी सीख
‘सांस रुकने तक लोहे की रॉड से वार!’, पुणे हिंजवड़ी PG में लव ट्रायंगल में रोंगटे खड़े कर देने वाला मर्डर
नवभारत विशेष: सरकार क्यों चाहती है परिसीमन पर बहस? हंगामा होने के पूरे आसार
ये भी पढ़े: क्या कांग्रेस में होगा उद्धव की पार्टी विलय? नितेश राणे का बड़ा दावा, बोले- आदित्य ठाकरे शिवसेना यूबीटी के…
अधिकारियों ने उपस्थित ग्रामीणों को जीवामृत, बीजामृत, केंचुआ खाद और प्राकृतिक व सेंद्रिय खेती की विभिन्न पद्धतियों को अपनाने के गुर सिखाए। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी के ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर सागर बोंडे ने किसानों को फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली हुमणी इल्ली के नियंत्रण और किसान समूहों को मजबूत बनाने के विषय पर विस्तार से जानकारी दी।
कृषि विभाग ने दिए अहम सुझाव
वहीं आत्मा के सहायक तकनीकी प्रबंधक विशाल भडके ने प्राकृतिक खेती के फायदों को रेखांकित किया। कार्यक्रम में दोनों गांवों के पूर्व उपसरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य और प्रगतिशील किसान मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने और किसानों की भारी भागीदारी सुनिश्चित करने में चंडिकापुर के सहायक कृषि अधिकारी प्रशांत हाडोले और थिलोरी की शिवानी वानखड़े ने विशेष परिश्रम लिया।
