Amravati: राजकमल रेलवे फ्लाईओवर पर खतरे की घंटी, वाहनों और पैदल चलने वालों की आवाजाही बंद

पिछले कई दिनों से Amravati में राजकमल पुल का मुद्दा सियासी तौर पर गर्माया हुआ है। इस फ्लाईओवर की सुरक्षा के लिहाज से Central Railway के भुसावल मंडल ने तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
Rajkumar Overbridge
राजकुमार ओवरब्रिज (सौ. नवभारत )
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Amravati News In Hindi: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिलाधिकारी आशीष येरेकर द्वारा राजकमल रेलवे फ्लाईओवर की सुरक्षा के संबंध में दिए गए निर्देशों के अनुसार मध्य रेलवे के भुसावल मंडल ने तत्काल कार्रवाई की है।

फ्लाईओवर यातायात के लिए बंद है, फिर भी रेलवे प्रशासन ने रेल यातायात की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय किए गए है। ऐसा जानकारी दी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए संरचनात्मक ऑडिट के अनुसार इस पुल को वाहनों के आवागमन के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है। इसके बाद, 25 अगस्त से जिलाधिकारी के आदेशानुसार इस पुल पर वाहनों और पैदल यात्रियों का आवागमन बंद कर दिया है।

पुल के नीचे से प्रतिदिन रेलगाड़ियां गुजरने के कारण संभावित आपदा के जोखिम को देखते हुए, जिलाधिकारी ने रेलवे और लोक निर्माण विभाग को 18 सितंबर को एक संयुक्त निरीक्षण करने और रेलवे यातायात को रोकने या डायवर्ट करने के संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

जिसके तहत रेलवे प्रशासन ने उपाय किए है। रेलवे विभाग और लोक निर्माण विभाग तथा स्ट्रक्चरल ऑडिट कंसल्टेंट की एक संयुक्त टीम ने 18 और 19 सितंबर को पुल का निरीक्षण किया। तदनुसार, राजकमल ब्रिज के नीचे रेल यातायात के लिए कोई तत्काल खतरा नहीं है। संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार पुल पर कोई 'चलता हुआ भार' नहीं है क्योंकि वाहनों का आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया है। वर्तमान में पुल केवल अपना भार ही वहन करने में सक्षम है। इसलिए, पुल के नीचे चल रहे रेल यातायात के लिए कोई तत्काल खतरा नहीं है।

लागत के आकलन की प्रक्रिया

रेलवे पुल के 'डिसमेंटलिंग' यानी ध्वस्तीकरण (रेलवे स्पैन) की योजना को अंतिम रूप देने और इसके लिए लागत का आकलन करने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही, पुल पर यातायात के महत्व को देखते हुए समय सीमा का भी ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए, निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद, रेलवे विभाग ने अनुमानित चार महीनों में पुल के ध्वस्तीकरण को पूरा करने की योजना बनाई है।

पुल के पास वाहन पार्किंग पर रोक

रेलवे विभाग ने लोक निर्माण विभाग को आईआईटी, वीएनआईटी जैसे संस्थानों से पुल का संरचनात्मक ऑडिट कराने और 'टिल्ट मीटर', 'क्रैक प्रोपेगेशन गेज' जैसी तकनीकी निगरानी प्रणालियां स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी के आदेशानुसार लोक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता प्रतीक गिरी, रेलवे के उप-मंडल अभियंता श्रीकृष्ण गोमकाले, सहायक अभियंता एन प्रकाश रेड्डी, स्ट्रक्चरल ऑडिट कंसल्टेंट, कंस्ट्रक्शन मैजिक ने संयुक्त रूप से रेलवे पुल का निरीक्षण किया।

लोक निर्माण विभाग ने पुल का दो भागों में निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में पाया गया कि बेलपुरा स्थित रेलवे पुल में बारीक दरारें हैं, जबकि रेली प्लॉट स्थित पूरे पुल में दरारें हैं। हालांकि, पुल पर वर्तमान में कोई यातायात नहीं है, इसलिए पुल के नीचे यातायात को कोई खतरा नहीं है। इसलिए, यह यातायात सुचारू रूप से जारी रहेगी। पुल पर यातायात प्रतिबंधित है, इसलिए पुल के दोनों ओर दीवार खड़ी कर दी गई है। इस स्थान पर सुरक्षा उपाय किए गए हैं। जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है, ऐसा भी रेलवे प्रशासन की ओर से बताया गया।

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