Akola में ई-फसल पंजीकरण 60% पर अटका, 30 सितंबर तक बढ़ी ई-फसल निरीक्षण की डेडलाइन

Chhatrapati Sambhaji Nagar में E-Fasal Registeration की प्रोसेस की टाइम लिमिट 2 बार बढ़ाए जाने के बाद भी ये रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। अब तक जिले में सिर्फ 60 प्रतिशत ही रजिस्ट्रेशन हुए हैं।
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana
(काॅन्सेप्ट फोटो)
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Akola News In Hindi: जिले में ई-फसल पंजीकरण की प्रक्रिया दो बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी है। अब तक जिले में केवल 60 प्रश पंजीकरण ही हो पाया है।

इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा सर्वर डाउन रहना, इंटरनेट की अनुपलब्धता, खेतों के नक्शों की त्रुटियां और किसानों के पास एंड्रॉइड मोबाइल की कमी रही है।

जिनके पास मोबाइल हैं, वे भी तकनीकी जानकारी के अभाव में ऐप का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रही लगातार बारिश ने भी ई-फसल निरीक्षण को प्रभावित किया है। खेतों में पानी भरने से फसलें खराब हो रही हैं और निरीक्षण कार्य बाधित हो रहा है। जिले में अब तक केवल 61।48 प्रश ई-फसल निरीक्षण ही हो पाया है। प्राकृतिक आपदा की स्थिति और किसानों की ओर से मिल रहे कम प्रतिसाद को देखते हुए सरकार ने ई-फसल निरीक्षण की समय सीमा एक बार फिर बढ़ाकर 30 सितंबर तक कर दी है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि पंजीकरण की दर में वृद्धि होगी।

योजनाओं के लाभ के लिए पंजीकरण अनिवार्य

सरकार ने किसानों को अनुदान, फसल बीमा, नुकसान भरपाई और कृषि विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ देने के लिए ई-फसल निरीक्षण अनिवार्य किया है। इसके तहत 1 अगस्त से खरीफ हंगाम 2025 के लिए ई-फसल निरीक्षण शुरू किया गया था। 15 सितंबर तक किसानों को ऐप के माध्यम से अपनी फसलों की जानकारी दर्ज करानी थी। लेकिन अपेक्षित संख्या में पंजीकरण न होने के कारण सरकार ने पहले 20 सितंबर तक पांच दिन की अतिरिक्त समय सीमा दी थी।

13 सितंबर तक जिले में 22 लाख 27 हजार 554 हेक्टेयर क्षेत्र में ई-फसल निरीक्षण पूरा हुआ था, जो कुल का केवल 47।32 प्रश था। इसके बाद भी पंजीकरण की गति धीमी रही, जिससे सरकार को 30 सितंबर तक की दूसरी समय सीमा देनी पड़ी। लगातार बारिश, खेतों में जमा पानी और तकनीकी समस्याओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि किसानों को प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिल सके। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते ई-फसल पंजीकरण करें ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके और भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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