एकल महिला दिवस पर भंडारा प्रशासन की पहल, 65,430 महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस
Women Empowerment: एकल महिला दिवस के अवसर पर भंडारा जिले में 65,430 एकल महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया है।
Single Women (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Ekal Mahila Diwas: महाराष्ट्र शासन के निर्देशानुसार 23 जून अब एकल महिला दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। समाज में विधवा शब्द के स्थान पर एकल महिला जैसे सम्मानजनक शब्द के उपयोग को बढ़ावा देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने तथा सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सहायता करने का शासन ने संकल्प लिया है। इस अवसर पर जिले में एकल महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिले में कुल 65,430 एकल महिलाओं का पंजीकरण किया गया है, जिनमें 60,459 विधवा महिलाएं शामिल हैं।
आयु वर्ग के अनुसार 30 वर्ष तक की 882, 31 से 40 वर्ष आयु वर्ग की 4,560, 41 से 50 वर्ष आयु वर्ग की 9,886, 51 से 65 वर्ष आयु वर्ग की 22,971 तथा 65 वर्ष से अधिक आयु की 29,190 महिलाएं शामिल हैं।तहसीलवार आंकड़ेसर्वेक्षण के अनुसार भंडारा तहसील में सर्वाधिक 18,512 एकल महिलाएं दर्ज की गई हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्र की 10,719 तथा शहरी क्षेत्र की 7,793 महिलाएं शामिल हैं। अन्य तहसीलों में मोहाडी में 9,251, तुमसर में 10,037, लाखनी में 6,398, साकोली में 7,192, पवनी में 8,295 तथा लाखांदुर में 5,745 एकल महिलाओं का पंजीकरण हुआ है।
भंडारा में एकल महिलाओं के लिए पेंशन
वर्तमान में जिले की 50,554 महिलाओं को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इनमें संजय गांधी निराधार योजना और श्रावणबाल योजना के 48,348 लाभार्थी शामिल हैं, जबकि 2,206 महिलाओं के बच्चों को बाल संगोपन योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। साऊ एकल महिला पुनर्वसन समिति के प्रयासों से पुनः सर्वेक्षण में लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। जिला प्रशासन ने एकल महिलाओं से शासकीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने तथा आत्मनिर्भर बनकर समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त करने का आह्वान किया है।
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सशक्तिकरण के लिए विविध योजनाएं
राज्य शासन द्वारा लागू विशेष एकल महिला नीति के तहत आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। आर्थिक सहायता संजय गांधी निराधार अनुदान योजना तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को मासिक पेंशन प्रदान की जाती है। स्वरोजगार एवं ऋण सुविधा महिला समृद्धि योजना के तहत कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
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आवास और स्वरोजगार योजनाओं का विस्तार
वहीं महिला उद्यम निधि और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से 10 लाख रुपये तक का बिना जमानत ऋण प्रदान किया जाता है।भूमि आवंटन महिला बचत समूहों को रोजगार सृजन के लिए राजस्व विभाग की ओर से ढाई एकड़ भूमि पांच वर्ष की लीज पर उपलब्ध कराई जाती है तथा एक लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाता है।आवास सुविधा रमाई आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र महिलाओं को अपना घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
