महाराष्ट्र में अनाथ और बेसहारा बच्चों को मिलेंगे 2500 महीना, जानिए बालसंगोपन योजना की पूरी प्रक्रिया

Bal Sangopan Yojana: महाराष्ट्र सरकार की क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले बालसंगोपन योजना के तहत अनाथ और बेसहारा बच्चों को प्रति माह 2500 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। जानिए आवेदन का तरीका और पात्रता।
Bal Sangopan Yojana Application Process
क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले बालसंगोपन योजना (सोर्स: AI)
Published on
Updated on

Bal Sangopan Yojana Application Process: महाराष्ट्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संकटग्रस्त, अनाथ और बेसहारा बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके विकास के लिए 'क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले बालसंगोपन योजना' चलाई जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य इन बच्चों को सुरक्षा, आश्रय और एक बेहतर भविष्य देना है।

क्या है बालसंगोपन योजना का मुख्य उद्देश्य?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य 0 से 18 साल की उम्र के अनाथ, बेसहारा, बिना सहारे वाले और बेघर बच्चों को जिन्हें सुरक्षा और आश्रय की जरूरत है उन्हें संस्थागत देखभाल के बजाय वैकल्पिक पारिवारिक देखभाल देना है, ताकि उनका पालन-पोषण और विकास किसी संस्था के बजाय पारिवारिक माहौल में हो सके। आमतौर पर बेसहारा बच्चों को संस्थागत देखभाल (अनाथालयों) में भेज दिया जाता है, जहां उन्हें पारिवारिक स्नेह की कमी महसूस हो सकती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 'संस्थागत देखभाल के बजाय वैकल्पिक पारिवारिक देखभाल' की नीति अपनाई है। इस योजना के तहत बच्चों को ऐसे पोषक परिवारों को सौंपा जाता है जो उनका पालन-पोषण अपने बच्चों की तरह कर सकें, जिससे बच्चे अकेलेपन या असुरक्षा की भावना से बच सकें।

बालसंगोपन योजना के लिए कौन से बच्चे पात्र हैं?

इस कल्याणकारी योजना का लाभ बच्चे अनाथ, बेसहारा या बेघर, जिनके माता-पिता किसी लाइलाज बीमारी से जूझ रहे हैं या जेल में हैं उन्हें मिलता है। ऐसे बच्चों को उनकी परवरिश के लिए सीधे वैकल्पिक परिवारों में रखा जा सकता है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन लड़के और लड़कियों को सीधे एक वैकल्पिक या पोषक परिवार की देखरेख में संगोपन (पालन-पोषण) के लिए रखा जा सकता है, ताकि वे अकेलेपन या असुरक्षा का शिकार न हों।

हर महीने मिलेगी 2500 की वित्तीय सहायता

क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले बालसंगोपन योजना के तहत जरूरतमंद बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा कुल 2500 रुपए प्रति माह का अनुदान दिया जाता है। इस वित्तीय सहायता में प्रत्येक लाभार्थी बच्चे के लिए 2250 रुपए प्रति माह व संबंधित देखरेख संस्था के लिए 250 प्रति माह का अनुदान दिया जाता है। यह अनुदान राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

बालसंगोपन योजना का आवेदन कैसे करें?

महाराष्ट्र सरकार के सूचना और जनसंपर्क निदेशालय ने क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले बालसंगोपन योजना का लाभ उठाने या पात्र बच्चों का पंजीकरण कराने के लिए नागरिकों को अपने जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय से संपर्क करने की अपील की है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com