डेढ़ घंटे में खत्म हुआ सस्पेंस; औरंगाबाद-जालना MLC चुनाव में महायुति का जलवा,सुहास शिरसाट की एकतरफा हुई जीत
Suhas Shirsat Wins: औरंगाबाद-जालना विधान परिषद चुनाव में महायुति के सुहास शिरसाट ने 455 वोट हासिल कर 320 मतों से बड़ी जीत दर्ज की। विपक्ष को करारी हार का सामना करना पड़ा।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
MLC चुनाव जितने के बाद सुहास शिरसाट (सोर्सः फोइल फोटो)
Vidhan Parishad Election Suhas Shirsat Wins: औरंगाबाद-जालना विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित विधान परिषद चुनाव में महायुति ने शानदार जीत दर्ज करते हुए राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया है। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सुहास शिरसाट ने 455 मत हासिल कर एकतरफा जीत दर्ज की, जबकि महाविकास आघाड़ी समर्थित उम्मीदवार गणेश लोखंडे को 135 मतों पर संतोष करना पड़ा। निर्दलीय उम्मीदवार हाजी इसाक खान को 35 मत मिले। इस प्रकार शिरसाट ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर 320 मतों की बड़ी बढ़त हासिल की।
मतगणना के पहले दौर में ही तय हो गया परिणाम
शहर के शासकीय औषध निर्माण महाविद्यालय में सोमवार सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई। कुल चार मेजों पर मतों की गिनती की गई। दोनों जिलों के 637 मतदाताओं में से 630 ने मतदान किया था। इनमें पांच मत अमान्य पाए गए, जिसके बाद जीत के लिए 313 मतों का कोटा निर्धारित किया गया। सुहास शिरसाट ने पहले ही दौर में 455 मत प्राप्त कर आवश्यक आंकड़ा पार कर लिया और दूसरे दौर की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। पूरी मतगणना प्रक्रिया एक घंटे तेईस मिनट में समाप्त हो गई।
परिणाम आते ही महायुति कार्यकर्ताओं में उत्साह
नतीजे स्पष्ट होते ही मतगणना केंद्र के बाहर महायुति समर्थकों ने जमकर उत्सव मनाया। पटाखे फोड़े गए, गुलाल उड़ाया गया और ढोल की थाप पर कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया। परिणाम घोषित होने के बाद राज्य के ओबीसी विकास मंत्री अतुल सावे, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ। भागवत कराड,विधायक अनुराधा चव्हाण, विधायक सतीश चव्हाण, विधायक नारायण कुचे, भारतीय जनता पार्टी के शहर अध्यक्ष किशोर शितोले, पूर्व विधायक संजय केणेकर सहित कई पदाधिकारी मतगणना केंद्र पहुंचे।
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विपक्ष की रणनीति नहीं आई काम
चुनाव के दौरान वंचित बहुजन आघाड़ी के चार पार्षदों द्वारा मतदान का बहिष्कार किए जाने की चर्चा रही, वहीं कांग्रेस की एक महिला पार्षद ने भी मतदान में हिस्सा नहीं लिया। दूसरी ओर, दूसरी वरीयता के मतों को लेकर विभिन्न दलों के बीच अंदरूनी समझौते की चर्चाएं भी होती रहीं, लेकिन सुहास शिरसाट को पहली वरीयता के ही 455 मत मिलने से विपक्ष की पूरी रणनीति ध्वस्त हो गई।
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नेताओं की प्रतिक्रियाएं
ओबीसी कल्याण मंत्री अतुल सावे ने कहा कि महायुति की जीत पहले से तय थी। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के पास 419 मत थे, लेकिन नेतृत्व पर विश्वास के कारण अतिरिक्त समर्थन भी मिला। पराजित उम्मीदवार गणेश लोखंडे ने कहा कि संख्या बल कम होने के बावजूद चुनाव को निर्विरोध नहीं होने दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर राजनीतिक प्रबंधन किया गया।
नवनिर्वाचित सदस्य सुहास शिरसाट ने कहा कि यह जीत महायुति के सभी घटक दलों और कार्यकर्ताओं की एकजुटता का परिणाम है। उन्होंने भविष्य में सभी के विश्वास पर खरा उतरने का भरोसा जताया।
| उम्मीदवार | दल | प्राप्त मत |
|---|---|---|
| सुहास शिरसाट | महायुति (भाजपा) | 455 |
| गणेश लोखंडे | महाविकास आघाड़ी | 135 |
| इसाक खान | निर्दलीय | 35 |
| अमान्य मत | – | 5 |
| कुल मतदान | – | 630 |
परिणाम का सार
- विजेता: सुहास शिरसाट (महायुति-भाजपा)
- जीत का अंतर: 320 मत
- जीत के लिए आवश्यक कोटा: 313 मत
- शिरसाट को प्राप्त मत: 455 (पहली वरीयता के मतों से ही जीत सुनिश्चित)
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
