अमरावती शहर की सड़कें हैं या सांपसीढ़ी का खेल! अधूरे निर्माण कार्यों से नागरिक परेशान
Amravati Traffic Problem: अमरावती में चल रहे फ्लाईओवर, सड़क और नाली निर्माण कार्यों की धीमी गति से नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मार्ग बंद होने और डायवर्जन से लोग परेशान है।
Amravati Road Construction (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Amravati Road Construction: इन दिनों अमरावती शहर की सड़कों पर सफर करना मानो सांपसीढ़ी का खेल खेलने जैसा हो गया है। नागरिक किसी एक निर्धारित स्थान पर पहुंचने के लिए निकलते हैं, लेकिन रास्तों के बंद होने, डायवर्जन और अधूरे निर्माण कार्यों के कारण उन्हें लंबा चक्कर लगाकर दूसरे मार्गों से गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में जाना था जापान, पहुंच गए चीन वाली कहावत भी हकीकत बनती दिखाई दे रही है।
शहर में इन दिनों विभिन्न विकास और निर्माण कार्य चल रहे हैं। चित्रा से वलगांव रोड उड़ान पुल, राजकमल उड़ान पुल, सड़क निर्माण, नालियां तथा नालियों पर रपटों के निर्माण जैसे अनेक कार्य शुरू हैं। इनमें से कई काम महीनों और वर्षों से जारी हैं, लेकिन समय-समय पर विभिन्न कारणों से इनकी गति धीमी पड़ जाती है या कार्य पूरी तरह ठप हो जाता है।
अमरावती में डायवर्जन और बंद रास्तों ने बढ़ाई मुश्किलें
शहर के कई मोहल्लों और गलियों में नालियों तथा रपटों का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने रास्तों को पत्थरों, बड़े वाहनों अथवा कंटीली झाड़ियों से बंद कर दिया है। इससे नागरिकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक और लंबे मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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जहां-जहां निर्माण कार्य शुरू हैं, वहां सावधान, रास्ता डायवर्ट और कार्य प्रगति पर है जैसे सूचना फलक लगाए गए हैं। हालांकि कई स्थानों पर वास्तविक स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है। नागरिकों का कहना है कि अधिकांश जगहों पर काम या तो बहुत धीमी गति से चल रहा है या फिर पूरी तरह बंद पड़ा है। इसके कारण लोगों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
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अमरावती में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार
महंगाई के इस दौर में हर व्यक्ति कम समय और कम खर्च में अपने गंतव्य तक पहुंचना चाहता है। लेकिन शहर में छोटे रास्तों के बंद होने और लंबी दूरी तय करने की मजबूरी के कारण लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। पेट्रोल और अन्य ईंधनों की बढ़ती कीमतों के बीच लंबा सफर नागरिकों की जेब पर असर डाल रहा है। वहीं अतिक्रमण और डायवर्ट मार्गों के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
समय और ईंधन दोनों हो रहे बर्बाद
शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए कई नागरिकों ने वन वे व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है। लोगों का मानना है कि प्रमुख चौकों और संकरी गलियों में एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू करने से ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। उदाहरण के तौर पर चांदनी चौक से चित्रा की ओर जाने वाले वाहनों के लिए एक मार्ग तथा विपरीत दिशा के वाहनों के लिए अलग मार्ग निर्धारित किया जा सकता है। नागरिकों का कहना है कि शहर की प्रमुख गलियों और सड़कों पर चरणबद्ध तरीके से वन वे व्यवस्था लागू की जाए तो यातायात सुगम हो सकता है।
