

Nagpur AI Traffic System: नागपुर सिटी के विकास के साथ बढ़ती वाहनों की संख्या, लगातार ट्रैफिक के बढ़ते बोझ के कारण समय के साथ सड़कें चौड़ी की गई। इसी के साथ शहर के हर हिस्से में वाहनों का आवागमन बढ़ गया है। नतीजतन सिटी के लोगों को अक्सर ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कई युवा यातायात नियमों का पालन नहीं करते जिससे दुर्घटनाएं होती हैं।
इन सारी समस्याओं से निपटने के लिए मनपा ने सभी पहलुओं पर नियंत्रण के लिए इंटेलिजेंट एंड इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का प्रोजेक्ट शुरू किया है जिसमें अब सिटी के 39 चौराहों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की नजर होगी, जबकि सिटी के सभी 161 चौराहों पर इसे भविष्य में लागू किया जाएगा। अब तक 39 चौराहों पर एआई की प्रणाली पूरी तरह से स्थापित कर दी गई है।
जून 2026 तक का है टारगेट शहर में यातायात को सुचारु करने के लिए इस प्रोजेक्ट का काम जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को गति देने के लिए मनपा के बिजली विभाग की ओर से सर्वे किया गया इसमें पुलिस विभाग को भी शामिल किया गया, बताया जाता है कि मनपा द्वारा पिछले 2 साल से इस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से इस परियोजना के लिए 197 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं। मनपा के बिजली विभाग की मानें तो पूरे प्रोजेक्ट में क्या पुराने सीसीटीवी उपयोगी होंगे, क्या पुराने सिग्नल सिस्टम का उपयोग किया जा सकता है और नए कैमरे लगाने के लिए जगह सुनिश्चित करने की प्रक्रिया हो गई है। वीएमएस यानी वीडियो मैनेजमेंट सिस्टम के लिए भी जगह तलाशी जा रही है।
इस प्रणाली से नागपुरवासियों की यात्रा का समय 28 से 48 प्रतिशत तक कम हो जाएगा, औसत यातायात गत्ति को 46 से 62 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य है, परियोजना की यातायात नियंत्रण प्रणाली यातायात उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसेगी। इस परियोजना के अनुसार एक केंद्रीय यातायात प्रबंधन केंद्र होगा और 11 प्रमुख यातायात तेन की निगरानी की जाएगी, पहन चालकों को स्वचालित रूप से ई-चालान जारी किया जाएगा।
सिग्नल जंपर्स को भी नियंत्रित किया जा सकता है। इंटेलिजेंट और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम प्रोजेक्ट में एआई सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे नागपुर के लोगों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी, यातायात नियमों का उल्लघन करने वालों पर कार्रवाई करने में पुलिस मदद करेंगी। शहर के सभी 164 ऑटोमैटिक ट्रैफिक कंट्रोलर को इंटेलिजेंट और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के मुताबिक अपडेट किया जाएगा।
एआई सिस्टम के कारण चौराहों पर जहां वाहनों की गर्दी अधिक होगी वहां से सिग्नल ऑटोमेटेड सिस्टम के चलते ग्रीन हो जाएंगे। इस तरह से चौराहों पर का ट्रैफिक मैनेजमेंट एआई के माध्यम से स्वयंचलित कर दिया जाएगा, बताया जाता है कि प्रायोगिक तत्व पर काचौपुरा, बजाजनगर, लक्ष्मीनगर, शंकरनगर, अलंकार टाकीज चौक सहित कुछ चौराहों को चिन्हांकित किया गया है। सर्वे के उपरांत पुलिस के ट्रैफिक विभाग द्वारा दिए गए सुझावों के अनुसार चौराहों का चयन किया गया है।
कपनी को वर्क ऑर्डर दिया गया था जिसके अनुसार कार्य किया जा रहा है। 39 जंक्शन का काम हो चुका है। अन्य जंक्शन के फाउंडेशन का काम चल रहा है। टेंडर की शर्तों के अनुसार जून 2026 तक काम पूरा करना है जिसके अनुसार काम को पूरा होने की उम्मीद है।
- मनपा, कार्यकारी अभियंता, राजेन्द्र राठौड़