कैदियों तक मोबाइल कैसे पहुंचे? Amravati Police ने सिम की जांच शुरू की
Amravati Jail में कैदियों के पास 6 मोबाइल मिलने से हड़कंप मच गया है। अब अमरावती पुलिस सिम कार्ड और मोबाइल मालिकों की जांच में जुट गई है। पुलिस आयुक्त अरविंद चावरिया ने इसको लेकर बड़ी बात कही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अरविंद चावरिया (सौ. सोशल मीडिया )
Amravati News In Hindi: अमरावती मध्यवर्ती कारागार में कैदियों के पास मिले 6 मोबाइल मामले की जांच अपराध शाखा द्वारा जारी है। अंडासेल में आने जाने वालों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
वहीं अब पुलिस इन मोबाइल के मूल मालिकों की जांच करेगी। साथ ही इन मोबाइल में कौनसे नंबर के सिम का इस्तेमाल किया गया तथा कब से शुरू है, पुलिस इसका पता लगाएंगी। यह जानकारी गुरुवार को पुलिस आयुक्त अरविंद चावरिया ने दी।
जेल सुरक्षा का लिया जायजा
अमरावती जिला मध्यवर्ती कारागार में 5 अक्टूबर तीन मोबाइल व दो बैटरी इसी तरह 7 अक्टूबर को दो मोबाइल और 9 अक्टूबर को एक मोबाइल परिसर में दिखाई दिया था। जिससे जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया था।
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जेल सुरक्षा समिति की बैठक जिला मध्यवर्ती कारागार में ली गई। इस समय पुलिस आयुक्त अरविंद चावरिया, पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे सहित अन्य अधिकारियों ने पहुंचकर जेल सुरक्षा का जायजा लिया था। पुलिस आयुक्त चावरिया ने कुछ कैदियों से बातचीत भी की थी। जिसके बाद उक्त मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपी गई।
अंडासेल में आने-जाने वालों के बयान दर्ज
- अपराध शाखा ने अंडासेल में आने-जाने वाले संबंधित कर्मी व लोगों के बयान दर्ज करना शुरू किया है। जांच दौरान अंडासेल में आने-जाने वाले कैंटिनवाले, नाई सहित अन्यों से पूछताछ होगी।
- गुरुवार को पुलिस आयुक्त ने बताया कि उक्त मामले में पूछताछ जारी है। आखिर इन मोबाइल के मूल मालिक कौन है, इसमें कौन से सिम यूज किए गए। यह जेल में कैसे पहुंचाए गए, यह घरवालों ने लाए या इसमें अन्य लोग शामिल है, इसकी पूरी जांच की जाएगी। इसके अलावा यह मोबाइल कब से शुरु है, इसकी जानकारी के लिए सिम टॉवर का आधार लिया जाएगा। वहीं सीडीआर की जांच होगी, ऐसा भी पुलिस आयुक्त अरविंद चावरिया ने बताया।
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स्कूल कॉलेजों में समुपदेशन जारी
शहर में हो रहे अपराधों में नाबालिग सामने आ रहे है। इसलिए उनका समुदेशन करना जरूरी है। इसलिए पुलिस विभाग की ओर से स्कूल, कॉलेजों में समुपदेशन कार्यक्रम चलाए जा रहे है। इसी तरह नाबालिग व उनके पालकों से बातचीत कर उनका समुपदेशन किया जा रहा है।
