MLC चुनाव आचार संहिता का फेर: नागपुर मनपा में डेढ़ महीना देरी से आज पेश होगा बजट; 4 साल बाद सत्ता की परीक्षा

Nagpur MLC Elections: एमएलसी चुनाव आचार संहिता के कारण नागपुर मनपा का बजट करीब डेढ़ माह देरी से पेश हो रहा है। अब 27 जून को बजट प्रस्तुति और 29 जून को उस पर चर्चा होगी।
MLC election code of conduct hurdle: Nagpur Municipal Corporation budget to be presented today with a delay of one and a half months; a test of power after four years.
नागपुर मनपा, बजट, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Updated on

Nagpur Municipal Corporation Budget Session: नागपुर मनपा में प्रशासक राज के 4 वर्षों बाद अब स्थापित हुई सत्ता की ओर से भले ही जल्द बजट देने के लिए 14 मई को ही सभा लेने का निर्णय लिया था किंतु एमएलसी चुनावों को लेकर लगी आचार संहिता के कारण अब डेढ़ माह देरी से बजट पेश होने जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि 22 को एमएलसी के चुनाव के मद्देनजर मतगणना होने के बावजूद चुनाव आयोग की ओर से जारी आचार संहिता के नोटिस के अनुसार 25 जून तक आचार संहिता जारी रही। यही कारण है कि अब महानगरपालिका ने 27 जून को बजट प्रस्तुत करने का निर्णय लिया। हालांकि 27 जून को शनिवार का दिन होने से अवकाश तो है किंतु इसी दिन अब बजट पेश किया जाएगा, जबकि 29 जून को बजट पर चर्चा होगी।

बजट के लिए विशेष सभा

इस विशेष सभा का मुख्य एजेंडा महानगरपालिका के बजट को अंतिम स्वीकृति प्रदान करना है।

सभा में वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट और वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित अनुमानित बजट पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

इस दौरान स्थायी समिति द्वारा प्रस्तावित बजट 'अ' और 'क' तथा परिवहन समिति के बजट 'ब' को सदन के विचारार्थ रखा जाएगा। इसके साथ ही, महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की धारा 96 (4) और धारा 98 (3) के तहत आवश्यक सिफारिशों और अधिकारों का उपयोग करते हुए 2025-26 के बजट में सभापति द्वारा सुझाए गए आवश्यक बदलावों, वृद्धियों और सुधारों पर भी मुहर लगाई जाएगी।

6 घंटे बजट पर होगी चर्चा

27 को पेश होने वाले नागपुर मनपा के आम बजट पर समन्वय से चर्चा के लिए मई में ही सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में बजट से संबंधित सभी मुद्दों पर विपक्षी दल को भी भलीभांति जानकारी दी गई।

यहां तक कि आम बजट पर चर्चा करने हेतु सभी दलों के नेताओं द्वारा सुझाव रखे गए जिसमें बजट पर 6 घंटे चर्चा करने का निर्णय लिया गया था। इसके अनुसार प्रत्येक दल के लिए समय निर्धारित किया गया है जिसके आधार पर गुट नेता अपने दलों के पार्षदों को समय बांटकर देंगे।

Navbharat Live
navbharatlive.com