Amravati Crime News: अमरावती शहर के कपिलवस्तु नगर क्षेत्र में शनिवार देर रात पुरानी रंजिश के चलते 20 वर्षीय युवक की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान संतोष उर्फ संत्या राजू बन (20) निवासी कपिलवस्तु नगर के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संतोष और आरोपियों के बीच कुछ माह पूर्व विवाद हुआ था, जिसके चलते आरोपियों में उसके प्रति रंजिश थी। शनिवार देर रात करीब 1.30 से 2 बजे के बीच 2 मोटरसाइकिल पर सवार 5 से 6 युवक कपिलवस्तु नगर पहुंचे और संतोष पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले के दौरान संतोष गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए, हालांकि वे एक मोटरसाइकिल घटनास्थल पर ही छोड़ गए। शोर सुनकर आसपास के लोग और संतोष का भाई मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। संतोष के शरीर पर 3 से 4 गहरे घाव पाए गए।
घटना की सूचना मिलते ही गाडगेनगर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर जांच शुरू की। पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे ने भी अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
गाडगेनगर थाने की डीबी टीम ने तत्परता दिखाते हुए देर रात ही 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें 3 नाबालिग शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में साहिल मावसकर (20) और प्रतीक चव्हाण (20) निवासी जयश्रीराम नगर का समावेश है। अन्य आरोपियों की उम्र की जांच की जा रही है। पुलिस निरीक्षक गोरखनाथ जाधव ने बताया कि हत्या का कारण पुराना विवाद है और मामले की आगे की जांच जारी है।
अमरावती शहर में हत्या की घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्ष 2025 में 31 मार्च तक 8 हत्या के मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2026 में 12 अप्रैल तक ही 11 हत्याएं दर्ज हो चुकी हैं।
शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों राजापेठ, खोलापुरी गेट, वलगांव, फ्रेजरपुरा, बडनेरा, भातकुली और गाडगेनगर—में ये घटनाएं सामने आई हैं।
वहीं, हत्या के प्रयास के मामलों में भी वृद्धि देखी गई है। पिछले वर्ष जहां 8 मामले दर्ज हुए थे, वहीं इस वर्ष 2 अप्रैल तक 14 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
साल 2026 के शुरुआती 102 दिनों में 11 हत्याओं की घटनाओं ने शहर में भय का माहौल पैदा कर दिया है। जो अमरावती कभी शांति के लिए जाना जाता था, वह अब बढ़ते अपराधों के कारण चिंता का विषय बनता जा रहा है। पुलिस के सामने इन घटनाओं पर अंकुश लगाने की बड़ी चुनौती है।