Amravati PNG Project News: अमरावती रूसयूक्रेन जैसे वैश्विक भूराजनीतिक तनाव के कारण देश में एलपीजी की आपूर्ति पर पड़ रहे असर को देखते हुए भारत सरकार और महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब अमरावती सहित पूरे राज्य में पाइप्ड नेचुरल गैस के विस्तार को युद्धस्तर पर लागू किया जा रहा है।
अन्न व नागरी आपूर्ति व ग्राहक संरक्षण विभाग की ओर से सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन सीजीडी के विस्तारीकरण की सूचना दी गई है। जिसकी सप्ताहसप्ताह की रिपोर्ट सरकार को भेजने की सूचना दी गई। साथ ही हर जिले में जिला स्तर पर समन्वय अधिकारी की नियुक्ति करने के निर्देश दिए है।
अमरावती में परियोजना का मुख्य स्टेशन तपोवन क्षेत्र में प्रस्तावित एसटी बस स्टैंड के पास स्थापित किया जाएगा। यहां से शहर के विभिन्न हिस्सों में गैस आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही एसटी बसों के लिए भी सीएनजी गैस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कंपनी के अनुसार बडनेरा से तपोवन तक मुख्य पाइप लाइन बिछाने का कार्य लगभग चार माह में पूरा किया जाएगा। इसके बाद बस्तियों और कॉलोनियों में घरघर तक गैस कनेक्शन पहुंचाने के लिए अलगअलग वितरण पाइप लाइन डाली जाएगी। शहर के विस्तारित क्षेत्र और यातायात को प्रभावित न करने की योजना के चलते इस कार्य में लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है।
जानकारी के अनुसार मुख्य पाइप लाइन शहर के पुराने हाईवे के किनारे से बिछाई जाएगी। कंपनी द्वारा पहले से ही अमरावतीअकोला मार्ग पर लोणी टाकली के पास तथा नागपुर मार्ग पर चक्रधर नाम से दो सीएनजी पंप संचालित किये जा रहे हैं।
पुणे और मुंबई की तर्ज पर अब अमरावती शहर में भी हर घर तक पाइप लाइन से रसोई गैस पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। बडनेरा से अमरावती तक करीब 14 किमी लंबी मुख्य गैस पाइप लाइन बिछाई जाएगी। यह महत्वकांक्षी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सीजीडी प्रोजेक्ट अडानी ग्रुप के तहत संचालित किया जा रहा है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशों के बाद यदि ईकेवाईसी या तकनीकी कारणों से गैस आपूर्ति बाधित होती है, तो उसके विकल्प के रूप में पीएनजी नेटवर्क को तेजी से फैलाया जाए, ऐसी सूचना दी गई है।
सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को हर जिले में एक समन्वय अधिकारी नियुक्त करने जो साप्ताहिक रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा, सीजीडी कंपनियों को शहर के हर वार्ड में एप्लीकेशन सेंटर बढ़ाने होंगे ताकि नागरिक आसानी से पंजीकरण करा सकें, उपभोक्ताओं की समस्याओं के लिए 24/7 हेल्पलाइन शुरू रखने, पंजीकृत और प्रस्तावित सोसायटियों से सामूहिक आवेदन लेकर त्वरित कनेक्शन दिए जाएंगे। ऐसी अनिवार्यता रखी है।