Amravati City: अमरावती शहर के लगभग सभी प्रभागों में इन दिनों गंदगी का साम्राज्य देखने को मिल रहा है. सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. ऐसा भी माना जा रहा है कि सफाई ठेका कंपनी के कर्मचारियों की हटधर्मी की वजह से शहर का सत्यनाश हो रहा है.हाल ही में मनपा चुनाव संपन्न हुए हैं, जिसके बाद लोगों को अपनेअपने प्रभागों के पार्षदों से सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद थी.
लेकिन हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं. नागरिकों का कहना है कि सफाई से जुड़े अधिकारी, एसआई और सुपरवाइजर मैदान में नजर नहीं आ रहे, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है. यहां तक की नये चुनकर आए पार्षद व पार्षद प्रतिनिधियों की बात अब न तो सफाई कर्मचारी सुन रहे है और नही ठेकेदार, जिसके कारण शहर की सफाई व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठ रहे है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई क्षेत्रों में नियमित कचरा उठाव नहीं हो रहा, नालियां जाम हैं और बदबू से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. गर्मी के मौसम में गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. नागरिकों को मनपा में नवनियुक्त मनपा आयुक्त से उम्मीदें लगी हुई है.फोटो कचराक्या हुआ तेरा वादास्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब चुनाव के समय स्वच्छता और विकास के बड़ेबड़े वादे किए गए थे, तो अब उन वादों का क्या हुआ. लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप कर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है.
शहरवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे. अब देखना होगा कि प्रशासन और नए जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक कर पाते हैं. शहर में कचरा या कचरे में शहर देखा जाए तो सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए मनपा सदन में सत्ता व विपक्ष के कई जनप्रतिनिधियों ने अपनी आवाज बुलंद की थी. लेकिन बाद में सब ओर सन्नाटा पसर गया, कोई भी कचरे के विषय पर बोलते नहीं दिखाई दिया. वही अगर शहर में चक्कर लगाया जाए तो कोई गली या प्रमुख चौराहा नहीं जहां कचरा फैला न हो. हर जगह कचरा ही कचरा दिखाई देने से लगता है कि शहर में कचरा है या कचरे में शहर. इस सवाल पर कोई भी स्पष्ट जवाब देने में सक्षम नहीं दिखाई दे रहा है.