
(सोर्स: सोशल मीडिया)
Amravati Central Jail Security Breach News: अमरावती मध्यवर्ती कारागार (Amravati Central Jail) अपनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल ही में हुई एक घटना ने जेल प्रशासन की सतर्कता पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक शातिर कैदी के पास से शासकीय दस्तावेजों और सुरक्षा फुटेज से भरा पेनड्राइव बरामद किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कैदी सागर उर्फ मुकेश विठ्ठल बारब्दे (31), जो कि अकोला जिले के अकोट का निवासी है, जेल में हत्या के जुर्म में सजा काट रहा है। सागर को 30 दिनों की संचित छुट्टी (Furlough) मंजूर हुई थी। 13 दिसंबर को जब उसे पैरोल पर छोड़ने की प्रक्रिया चल रही थी, तब जेल के मुख्य द्वार पर जेल कर्मी योगेश हरिनारायण जानोरकर (36) द्वारा उसके सामान की सघन तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान सागर की एक कपड़े की थैली में बड़ी ही चालाकी से छुपाकर रखा गया एक पेनड्राइव मिला। जब जेल प्रशासन ने इस पेनड्राइव की जांच की, तो वे दंग रह गए। इस डिवाइस में मंडल विभाग के कंप्यूटर से चुराए गए महत्वपूर्ण शासकीय पत्रव्यवहार की फाइलें और जेल की सुरक्षा की दृष्टि से अति-संवेदनशील सीसीटीवी कैमरे के फुटेज पाए गए। यह डाटा कारागार की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा सकता था।
जेल कर्मी योगेश जानोरकर की शिकायत के आधार पर फ्रेजरपुरा पुलिस ने कैदी सागर बारब्दे के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि एक कैदी की पहुंच जेल के सुरक्षित कंप्यूटर सिस्टम तक कैसे हुई? क्या इस डाटा चोरी में जेल के ही किसी कर्मचारी ने उसकी मदद की थी?
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जेल की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाकर गोपनीय डाटा बाहर ले जाने की इस कोशिश ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह जांच का विषय है कि कैदी का उद्देश्य इस डाटा का दुरुपयोग कर जेल की सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालना था या फिर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देना। फिलहाल, फ्रेजरपुरा पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।






