अमरावती 2021 दंगा केस: कोर्ट ने सभी 30 आरोपियों को किया बरी, चित्रा-कॉटन मार्केट में हुई थी हिंसा
Amravati Riots Case: अमरावती दंगों में साल 2021 में तोड़फोड़ के आरोप में नामजद 30 लोगों को जिला सत्र न्यायालय ने सभी 15 मामलों में सबूत न मिलने पर बाइज्जत बरी कर दिया।
- Written By: आकाश मसने
अमरावती 2021 दंगा मामले में 30 आरोपी बरी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Amravati Riots Case 30 Accused Acquitted: अमरावती में वर्ष 2021 में हुए दंगा प्रकरण में जिला एवं सत्र न्यायालय ने सोमवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए सभी 30 नामजद आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया।
यह मामला 12 नवंबर 2021 को अल्पसंख्यक समाज द्वारा निकाले गए मोर्चे के दौरान हुई तोड़फोड़ और उसके अगले दिन 13 नवंबर को विभिन्न हिंदू संगठनों द्वारा निकाले गए मोर्चे से जुड़े दंगों से संबंधित था।
क्या है मामला?
अमरावती में 12 नवंबर को निकाले गए मोर्चे में कुछ असामाजिक तत्वों ने चित्रा और कॉटन मार्केट चौक स्थित दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की थी। इसके बाद 13 नवंबर को हिंदू संगठनों का मोर्चा निकाला गया, जिसके दौरान शहर में तनाव, तोड़फोड़ और दंगे की घटनाएं सामने आई थीं। इस मामले में सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में 15 अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थीं, जिनमें कुल 30 व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया था।
सम्बंधित ख़बरें
थर्मल पावर प्लांट की चुनौतियों की समीक्षा, श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने दिए सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता निधि से मिली राहत, 100 वर्षीय महिला की समय पर हुई सर्जरी
पीएम को नहीं, पाक आर्मी चीफ को भेजें पत्र; भारत-पाकिस्तान के प्रबुद्ध जीवों के खुले खत पर भड़के कृष्णा हेगड़े
भाजपा के MLA किसन कथोरे ने कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद को महानगर पालिका का दर्जा देनी की विधानसभा में मांग की
अमरावती जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश नरडेले की अदालत में इन सभी मामलों की सुनवाई चल रही थी। अदालत ने सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत चार्जशीट का परीक्षण करने के बाद पाया कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप संदेह से परे साबित नहीं हो सके। इसी आधार पर न्यायालय ने सभी 30 आरोपियों को बाइज्जत बरी करने का आदेश दिया।
यह भी पढ़ें:- अमित शाह का वादा होगा पूरा! 15 फरवरी 2026 तक हथियार डालेंगे सभी नक्सली, 3 राज्यों को लिखा पत्र
कोर्ट ने इस लोगों को किया बरी
बरी किए गए आरोपियों में संतोष गहरवार, नीलेश वासुदेव मारोडकर, विजय किसन मंडले, लवकुश ध्रुवा नाईकवाड, विपिन पिंटू गुप्ता, दिनेश तिलकराज सिंह, दीपक उर्फ बंटी पारवानी, चेतन वाटनकर, उमेश मोगले, लक्ष्मण सिंगनजुडे, सत्यजीत राठोड सहित कुल 30 लोग शामिल हैं। इन सभी पर विभिन्न गंभीर धाराओं तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए थे।
सोमवार को आए न्यायालय के इस फैसले के बाद सभी आरोपियों ने राहत की सांस ली। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रस्तुत किए गए सबूत आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं थे, इसलिए सभी आरोपियों को बाइज्जत दोषमुक्त किया जा रहा है।
