Shubhmangal Yojana:अमरावती जिले में शुभमंगल सामूहिक विवाह योजना (सोर्सः सोशल मीडिया)
Amravati News: महाराष्ट्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों के विवाह के लिए शुरू की गई शुभमंगल सामूहिक विवाह योजना अमरावती जिले में पूरी तरह असफल साबित हो रही है। बीते पांच वर्षों में एक भी लाभार्थी न मिलने और योजना के उद्देश्यों के अनुरूप निधि व प्रभावी क्रियान्वयन के अभाव के कारण यह महत्त्वाकांक्षी योजना केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है।
शुभमंगल सामूहिक विवाह योजना जिले में पंजीकृत स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से संचालित की जाती है। योजना के तहत खुला प्रवर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग की उन लड़कियों के विवाह के लिए सहायता दी जाती है, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है। योजना के अंतर्गत विवाह करने वाले प्रत्येक जोड़े को 25 हजार रुपये तथा सामूहिक विवाह का आयोजन करने वाली संस्था को प्रति पांच जोड़ों पर 2,500 रुपये का अनुदान दिया जाता है।
जिले की 14 तहसीलों में भी इस योजना को अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिल रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, योजना के लिए न्यूनतम 100 लाभार्थियों का पंजीकरण आवश्यक है, लेकिन पिछले पांच वर्षों में एक भी लाभार्थी सामने नहीं आया। यह स्थिति योजना की विफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। विभाग का कहना है कि लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन वर्ष 2020 में जिले को न तो इस योजना का कोई लक्ष्य मिला और न ही कोई निधि आवंटित की गई, जिसके कारण पंजीकरण प्रक्रिया भी ठप रही।
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पहले इस योजना के अंतर्गत सरकार की ओर से 10 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी, जिसे फरवरी 2024 में बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया। इसके बावजूद युवाओं में योजना के प्रति कोई खास आकर्षण नहीं दिख रहा है। स्वयंसेवी संस्थाओं, वर-वधु और उनके अभिभावकों के उचित मार्गदर्शन से ही स्थिति में सुधार संभव है। वर्तमान में युवा पंजीकृत विवाह को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं माता-पिता भी बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस योजना की ओर कम रुझान दिखा रहे हैं। परिणामस्वरूप, बीते पांच वर्षों में जिले में शुभमंगल योजना का एक भी लाभार्थी पंजीकृत नहीं हो सका है।