गोवंश तस्कर को 1 साल के लिए हुई जेल, कानून व्यवस्था को लेकर लिया फैसला
गणेश चतुर्थी की शाम अकोला जिले के कुख्यात गोवंश तस्कर को एमपीडीए कानून के अंतर्गत 1 साल के लिए अकोला जेल में नजरबंद कर दिया गया है। आपको बता दें कि वो जिले का नामी बदमाश था।
- Written By: अपूर्वा नायक
गोवंश तस्करी (सौ. सोशल मीडिया )
Akola News In Hindi: गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर जिले के कुख्यात गोवंश तस्कर शेख सलीम उर्फ बाबु जमदार शेख रहुल्ला (49), निवासी इंदिरा नगर, वाडेगांव, तालुका बालापुर को एमपीडीए कानून के तहत एक वर्ष के लिए अकोला जिला कारागृह में स्थानबद्ध किया गया है।
जिले का घोषित अपराधी
वह जिले का सत्रहवां घोषित अपराधी है। सलीम पर पूर्व में गोवंश चोरी, चोरी की संपत्ति का अप्रामाणिक व्यवहार, अपराध के सबूत नष्ट करना, तड़ीपार आदेश का उल्लंघन और पशु संरक्षण कानून के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं।
शांति और कानून व्यवस्था के लिए खतरा
बार-बार की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद उसके व्यवहार में सुधार न होने पर पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक ने उसकी स्थानबद्धता का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा था। जिलाधिकारी ने कानूनी जांच और गुप्त जानकारी के आधार पर सलीम को जिले की शांति और कानून व्यवस्था के लिए खतरा मानते हुए 20 अगस्त को आदेश पारित किया और 26 अगस्त को उसे जिला कारागृह में दाखिल किया गया।
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अपराध पर नियंत्रण के लिए लगा एमपीडीए
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक के मार्गदर्शन में अपर पुलिस अधीक्षक बी चंद्रकांत रेड्डी, उपविभागीय पुलिस अधिकारी गजानन पडघन, स्थानीय अपराध शाखा और बालापुर पुलिस स्टेशन की टीम द्वारा की गई। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जिले में गोवंश तस्करी और अपराध पर नियंत्रण के लिए एमपीडीए सहित अन्य कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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क्या है एमपीडीए कानून?
एमपीडीए (MPDA) कानून महाराष्ट्र का एक निवारक निरोध कानून है, जिसका पूरा नाम महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ डेंजरस एक्टिविटीज एक्ट (MPDA), 1981 है। यह कानून झोपड़पट्टी के मालिकों, शराब तस्करों, मादक पदार्थ अपराधियों, कालाबाजारियों, अवैध रेत निकालने वालों, और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाले अन्य खतरनाक व्यक्तियों जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए बनाया गया है।
