चौथे श्रेणी का दर्जा पाने की लगी होड़, राजस्व सेवकों का संघर्ष तेज, 12 से कामबंद आंदोलन का ऐलान

Akola News: अकोला जिले में विदर्भ राजस्व सेवक संघ की ओर से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त करने की न्यायसंगत मांग को लेकर बेमियादी कामबंद आंदोलन की घोषणा की गई है।
हाल ही में डॉ पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय ने एक जनहित याचिका के जवाब में Nagpur Bench Of High Court में दाखिल शपत्रपत्र में राज्य सरकार पर कुछ गंभीर आरोप लगाए हैं।
अकोला न्यूज
Updated on

Akola Latest News: अकोला जिले के सभी राजस्व सेवक इस आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इस संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय को एक औपचारिक निवेदन सौंपा गया, जिसमें अकोला जिला राजस्व सेवक संघ के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा बार-बार मांगों को लंबित रखा गया है, जिससे सेवकों में तीव्र नाराजगी है। सेवाशर्तों, मानधन और पद के दर्जे में हो रहे अन्याय के चलते अब न्याय के लिए सड़क पर उतरने का निर्णय लिया गया है।

संघ ने आंदोलन की चरणबद्ध रूपरेखा घोषित की है जिसमें 10 सितंबर 2025 काली रिबन लगाकर कार्य करना, 11 सितंबर को तहसील स्तर पर एक दिवसीय लक्षवेधी धरना आंदोलन, 12 सितंबर से नागपुर के कोराडी क्षेत्र स्थित क्रीड़ा संकुल में राजस्व मंत्री के कार्यक्षेत्र में बेमियादी कामबंद आंदोलन, धरना और श्रृंखलाबद्ध अनशन की शुरुआत की जाएगी। जिले के सभी राजस्व सेवक 12 सितंबर से नागपुर में आंदोलन स्थल पर उपस्थित रहेंगे।

आंदोलन जारी रहेगा

जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा, ऐसा दृढ़ संकल्प सेवकों ने व्यक्त किया है। राजस्व सेवक विभाग के सबसे निचले स्तर पर कार्यरत महत्वपूर्ण घटक हैं, जो शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व संग्रहण और ग्राम स्तरीय प्रशासन में निरंतर कार्यरत रहते हैं।

इसके बावजूद उन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा न दिए जाने से असंतोष बढ़ता जा रहा है। संघ ने सरकार से इस विषय को सकारात्मक दृष्टिकोण से लेकर तत्काल मांगों को स्वीकार करने की एकमुखी मांग की है। अकोला राजस्व सेवक संघ के इस निवेदन के समय पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर आंदोलन की सफलता का संकल्प व्यक्त किया है।

Navbharat Live
navbharatlive.com