
मोर्णा नदी का प्रदूषण रोकना जरुरी,
Akola City: अकोला शहर के मध्य से बहने वाली मोर्णा नदी आज प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। शहर के कई हिस्सों से निकलने वाली नालियों का गंदा पानी सीधे इस नदी में मिल रहा है, जिससे न केवल जल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि आसपास के पर्यावरण और नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। नदी के किनारे बसे इलाकों में दुर्गंध और मच्छरों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। यह स्थिति मानसून के बाद और भी गंभीर हो जाती है, जब नालियों का बहाव तेज हो जाता है और अधिक मात्रा में अपशिष्ट नदी में पहुंचता है।
कभी अकोला की जीवनरेखा मानी जाने वाली मोर्णा नदी अब गंदगी और कचरे का केंद्र बनती जा रही है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह इस दिशा में ठोस कदम उठाए। नालियों को नदी से जोड़ने के बजाय उन्हें जल्द से जल्द ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाने की व्यवस्था की जाए। साथ ही, नागरिकों को भी जागरूक किया जाए कि वे घरेलू और औद्योगिक कचरा सीधे नालियों में न डालें।
पर्यावरणविदों का मानना है कि यदि समय रहते उपाय नहीं किए गए, तो मोर्णा नदी पूरी तरह मृतप्राय हो सकती है। शहर के विकास के साथ-साथ जल स्रोतों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। मोर्णा नदी को बचाना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
शेख मोहम्मद ने कहा कि मोर्णा नदी का प्रदूषण केवल पर्यावरणीय नहीं, बल्कि सामाजिक संकट भी है। अनेक लोग वर्षों से इस नदी के किनारे रह रहे हैं, लेकिन अब इसकी स्थिति देखकर दुख होता है। प्रशासन को चाहिए कि वह नालियों के लिए अलग ड्रेनेज सिस्टम विकसित करे और नदी में मिलने वाले गंदे पानी पर पूरी तरह रोक लगाए। नागरिकों को भी जागरूक किया जाना जरूरी है। यदि सभी मिलकर प्रयास करें, तो मोर्णा नदी को फिर से स्वच्छ, सुंदर और जीवनदायिनी बनाया जा सकता है।
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नदी में मिलने वाला गंदा पानी स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। मोर्णा नदी कभी शहर की शान थी, लेकिन अब इसमें बहने वाला दूषित पानी न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहा है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन गया है। आसपास के इलाकों में दुर्गंध और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। संदीप आरोकार ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि वह नालियों के गंदे पानी को सीधे नदी में जाने से रोके। साथ ही, नागरिकों को भी जागरूक किया जाए कि वे घरेलू कचरा और अपशिष्ट नदी में न डालें।






