किसानों पर खाद की महंगाई का नया बोझ, प्रति बैग 100 से 200 रुपये तक बढ़ी कीमतें
Fertilizer Price Increase: अतिवृष्टि से खरीफ फसल बर्बाद होने के बाद रबी की बुवाई पर संकट गहराया है। 1 नवंबर से खाद के दाम 100–200 रुपये बढ़ने से महाराष्ट्र के किसान भारी आर्थिक दबाव में आ गए हैं।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Fertilizer Price Hike: इस वर्ष हुई अतिवृष्टि से महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। खरीफ सीजन पूरी तरह चौपट होने के बाद अब रबी की बुवाई के लिए भी किसानों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। इसी बीच रासायनिक खादों की कीमतों में प्रति बैग 100 से 200 रुपये तक की वृद्धि ने किसानों को नए संकट में डाल दिया है। खादों के दाम बढ़ने से कई किसानों की आर्थिक योजनाएं अस्त-व्यस्त हो गई हैं।
खाद उत्पादक कंपनियों ने हर वर्ष की तरह इस बार भी कीमतें बढ़ाने का सिलसिला जारी रखा है। केंद्र सरकार ने 1 नवंबर से दो प्रमुख खादों की कीमतों में 100 से 200 रुपये की वृद्धि की है। विक्रेताओं का कहना है कि खादों की महंगाई के पीछे कच्चे माल की आयात में कमी का असर है।
खादों की नई दरें
| क्रमांक | खाद का प्रकार | पहले कीमत | अब कीमत | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 10:26:26 खाद | 1760 रुपए | 1900 रुपए | 140 रुपए |
| 2 | 14:35:14 खाद | 1800 रुपए | 1950 रुपए | 150 रुपए |
| 3 | 12:32:16 खाद | 1750 रुपए | 1900 रुपए | 150 रुपए |
| 4 | 24:24:00 खाद | 1800 रुपए | 1900 रुपए | 100 रुपए |
| 5 | 08:21:21 खाद | 1800 रुपए | 1975 रुपए | 175 रुपए |
| 6 | 09:24:24 खाद | 1900 रुपए | 2100 रुपए | 200 रुपए |
| 7 | पोटाश खाद | 1655 रुपए | 1800 रुपए | 145 रुपए |
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किसानों की बढ़ती मुश्किलें
खरीफ सीजन की बर्बादी के बाद रबी की बुवाई के लिए बढ़ा हुआ खर्च किसानों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर रहा है। किसानी करने वालों की संख्या 33 प्रतिशत तक बढ़ी है, लेकिन लगातार बढ़ती खादों की कीमतें किसानों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं।
