‘फडणवीस गृह मंत्री पद से इस्तीफा दें’; सोलापुर में 10 हत्याओं और नसरापुर कांड पर प्रणिति शिंदे का कड़ा प्रहार
Praniti Shinde on Devendra Fadnavis: सांसद प्रणिति शिंदे ने सोलापुर में 10 हत्याओं और नसरापुर कांड के बाद गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस्तीफे की मांग की है।
- Written By: अनिल सिंह
सांसद प्रणिति शिंदे ने फडणवीस मांगा इस्तीफा (फोटो क्रेडिट-X)
Praniti Shinde Demand Fadnavis Resignation: महाराष्ट्र में अपराध की बढ़ती घटनाओं ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। सोलापुर से सांसद प्रणिति शिंदे ने राज्य की वर्तमान कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सोलापुर जैसे प्रमुख शहर में मात्र तीन दिनों के भीतर दस हत्याएं होना इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि राज्य का गृह विभाग पूरी तरह से विफल हो चुका है। शिंदे ने कड़े शब्दों में मांग की कि यदि फडणवीस गृह मंत्रालय की जिम्मेदारियां संभालने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें नैतिकता के आधार पर तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
सांसद शिंदे ने नासरापुर में हुई मासूम बच्ची की हत्या का विशेष रूप से जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री के रवैये को ‘अमानवीय’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरा प्रदेश एक साढ़े तीन साल की बच्ची की क्रूर हत्या से शोक में डूबा था, तब मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता जश्न मनाने और नए प्रोजेक्ट्स के उद्घाटन कार्यक्रमों में व्यस्त थे। उनके अनुसार, वर्तमान सत्ताधारियों के लिए चुनाव और राजनीति ही सब कुछ है, जबकि आम जनता की सुरक्षा उनके लिए कोई प्राथमिकता नहीं रह गई है।
शक्ति अधिनियम और त्वरित न्याय की मांग
प्रणिति शिंदे ने सरकार को घेरते हुए कहा कि महा विकास अघाड़ी सरकार के समय लाया गया ‘शक्ति अधिनियम’ आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि यदि यह अधिनियम पूर्ण रूप से लागू होता, तो नसरापुर दरिंदगी के आरोपी को अब तक सजा मिल चुकी होती और उसे 15 दिनों के भीतर फांसी के फंदे पर लटकाया जा सकता था। शिंदे ने सवाल उठाया कि जिस अपराधी पर पहले से ही पॉक्सो (POCSO) के कई गंभीर मामले दर्ज थे, वह जेल से बाहर कैसे घूम रहा था और उसे दोबारा अपराध करने का मौका कैसे मिला।
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सोलापुर में बढ़ता अपराध और प्रशासनिक विफलता
सांसद ने सोलापुर शहर की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सेवेंटी फुट रोड जैसी सार्वजनिक जगहों पर सरेआम हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस विभाग पर सत्ता पक्ष का इतना अधिक दबाव है कि अधिकारी स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रहे हैं। शहर में मटका और अन्य अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहे हैं, लेकिन शासन इन पर लगाम कसने के बजाय केवल चुनावों की तैयारी में व्यस्त है। शिंदे ने चेतावनी दी कि प्रशासन की इस ढिलाई के कारण ही अपराधी बेखौफ हो गए हैं।
सरकार की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल
प्रणिति शिंदे ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एक महिला प्रतिनिधि होने के नाते उन्हें इस बात का गहरा दुख है कि सरकार पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय अपनी जेबें भरने और कमीशन खोरी में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को डरा-धमकाकर उनसे गलत काम कराए जा रहे हैं, जिससे पूरी कानून व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपनी विफलता स्वीकार करनी चाहिए और गृह मंत्रालय का प्रभार किसी ऐसे व्यक्ति को सौंपना चाहिए जो राज्य की माताओं-बहनों की रक्षा कर सके।
