Khamgaon Protest (सोर्सः सोशल मीडिया)
Khamgaon Protest: राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना के अंतर्गत ई-केवायसी प्रक्रिया में हुई गंभीर तकनीकी त्रुटियों के कारण खामगांव शहर की कई पात्र महिलाओं का अनुदान अचानक बंद हो गया है। इससे खेत मज़दूरी और हाथ मज़दूरी कर जीवनयापन करने वाली महिलाओं में तीव्र नाराज़गी फैल गई है।
राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ की ओर से नवंबर माह की किस्त न मिलने के कारण 11 जनवरी को खामगांव में लाडली बहन योजना मार्गदर्शन शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर के दौरान कई महिलाओं की ई-केवायसी करते समय गलत प्रविष्टियां होने का मामला सामने आया। वहीं, कुछ महिलाओं ने मोबाइल के माध्यम से ई-केवायसी करने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण उनका योजना लाभ बंद हो गया।
सबसे गंभीर बात यह है कि लाडली बहन योजना की आधिकारिक वेबसाइट और नारीशक्ति ऐप पर वर्तमान में ई-केवायसी प्रक्रिया बंद है, जिससे दोबारा केवायसी करने का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। परिणामस्वरूप, पात्र होते हुए भी कई मज़दूर महिलाओं को अपात्र घोषित कर दिया गया है। कुछ मामलों में तो सिस्टम में महिलाओं को सरकारी कर्मचारी बताया जा रहा है, जिसे लेकर भारी असंतोष व्यक्त किया जा रहा है।
इन सभी महिलाओं ने शपथपत्र के माध्यम से योजना के लिए अपनी पात्रता दर्ज कराई है, जिसकी सूची जिलाधिकारी के पास प्रस्तुत की गई है। यदि भविष्य में इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो शासन के खिलाफ महिलाओं में तीव्र रोष उत्पन्न होने की चेतावनी दी गई है।
इसी अन्याय के विरोध में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के बुलढाणा जिलाध्यक्ष गणेश जगन्नाथ चौकसे और युवा जिलाध्यक्ष सूरज बेलोकार के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने खामगांव से बुलढाणा तक जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकाला। यह मोर्चा जिजामाता प्रेक्षागृह मैदान से शुरू होकर जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचा, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
मोर्चे में शामिल महिलाओं ने कहा कि सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बावजूद केवल तकनीकी कारणों से उन्हें किस्त नहीं मिली और योजना का लाभ बंद कर दिया गया है। उन्होंने तत्काल बकाया और आगामी किस्तें शुरू करने की मांग की।
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इस संबंध में जिलाधिकारी से मांग की गई कि वे स्वयं संज्ञान लेकर वरिष्ठ स्तर पर तुरंत पत्राचार करें और पुनः ई-केवायसी प्रक्रिया शुरू कर महिलाओं को न्याय दिलाएं। अन्यथा, मजबूरन जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन और धरना आंदोलन किया जाएगा, ऐसी चेतावनी ज्ञापन के माध्यम से दी गई।
इस अवसर पर सावले, राहुल सावले, अनंता जाधव, संदीप सावले, सूरज बेलोकार, दीपक महाजन, प्रकाश घाडगे, मेजर सुभाष फेरंग, शेख हुसैन, प्रमोद जावडेकर सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।