Sujay Vikhe Patil: (सोर्सः सोशल मीडिया)
Rahuri Traffic Jam: नगर-मनमाड नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक जाम की समस्या जल्द खत्म होती नहीं दिख रही है। आखिरकार, पूर्व सांसद डॉ. सुजय विखे पाटिल और पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे ने राहुरी शहर में लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम को हल करने की पहल की है। डॉ. विखे द्वारा होमगार्ड्स का वेतन अपनी जेब से देने की तैयारी जताने के बाद, गुरुवार को प्राजक्त तनपुरे ने भी प्रसाद शुगर फैक्ट्री की सिक्योरिटी टीम को सड़क पर तैनात कर ट्रैफिक जाम को नियंत्रित कराया।
दोनों ‘दादा’ यात्रियों की इस रोज़मर्रा की समस्या को लेकर राहुरी में बेहद सक्रिय दिखाई दिए, जिससे आम नागरिकों ने राहत की सांस ली। नगर-मनमाड रोड की ‘साढ़े साती’ अब जल्द पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है। राहुरी शहर सीमा में ठेकेदार द्वारा सड़क पर डामरीकरण का काम जारी है। इसी बीच, सोमवार 19 जनवरी की रात करीब 10.30 बजे पूर्व मंत्री डॉ. सुजय विखे पाटिल दूसरी बार नगर-मनमाड हाईवे पर पहुंचे।
उन्होंने ट्रैफिक जाम वाले स्थानों का निरीक्षण किया और हालात का बारीकी से जायजा लिया।डॉ. विखे फंसी हुई गाड़ियों तक पहुंचे, यात्रियों से सीधे संवाद किया और उनकी परेशानियां सुनीं। मौके पर ही उन्होंने संबंधित प्रशासन और एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान नगरसेवक ऋषभ लोढ़ा, अक्षय तनपुरे, मनोज गव्हाने, देवलाली प्रवरा से महेश गायकवाड़ सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यकर्ताओं ने भी सड़क पर उतरकर ट्रैफिक सुचारू करने में सक्रिय सहयोग किया।
इसी बीच, पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे ने भी नगर-मनमाड हाईवे पर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की पहल की। उनके निर्देश पर प्रसाद शुगर फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड्स को सड़क पर तैनात किया गया। इन सुरक्षा कर्मियों की मदद से ट्रैफिक नियंत्रण में सुधार हुआ। जैसे ही ठेकेदार ने लगभग दो किलोमीटर सड़क का काम पूरा किया, शहर में वन-वे ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो गया।
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से राहुरी शहर में वन-वे ट्रैफिक लागू है। बस स्टैंड सीधे नगर-मनमाड रोड पर स्थित है, वहीं राहुरी मार्केट कमेटी का प्रवेश द्वार भी इसी सड़क पर है। बस स्टैंड और मार्केट कमेटी के बीच कारों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही के कारण समय-समय पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती रही है।
डॉ. सुजय विखे पाटिल ने कहा,“मैं भरोसे के साथ काम करने वाला व्यक्ति हूं। मुझे वफादार और अनुशासित कार्यकर्ताओं का साथ मिला है। हमारे कार्यकर्ता केवल नारे नहीं लगाते, बल्कि ज़मीनी स्तर पर उतरकर काम करते हैं। जहां भी ट्रैफिक जाम होगा, वहां कार्यकर्ता खुद पहल करेंगे। सिर्फ एक बार आकर फोटो खिंचवाने से लोगों को न्याय नहीं मिलता। आज एक घंटे को छोड़कर कहीं भी ट्रैफिक जाम नहीं था। पिछले कुछ दिनों में राहुरी के नागरिकों को जो परेशानी हुई, उसके लिए मैं दिल से माफी मांगता हूं।”
पूर्व सांसद डॉ. सुजय विखे पाटिल और पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नगर-मनमाड रोड की समस्या सुलझाने की कोशिश की। हालांकि, सोशल मीडिया पर एक बार फिर क्रेडिट लेने की राजनीतिक होड़ देखने को मिली, जहां अलग-अलग समर्थकों ने अपने-अपने नेता को श्रेय देने की कोशिश की। वहीं, सामाजिक संगठनों ने सड़क का काम जल्द पूरा होने की उम्मीद जताई और यह भी याद दिलाया कि पिछले वर्ष राहुरी क्षेत्र में सड़क हादसों में 55 लोगों की जान गई थी।