डेंगू और मलेरिया से निपटने अकोला प्रशासन की पहल, छोड़ रहे गप्पी मछली
अकोला जिले में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप जारी है। उसके समाधान के तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने जमा हुए पानी में गप्पी मछली छोड़ने की पहल भी शुरू कर दी है। नागरिकों के अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने और बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए निवारक उपाय किए गए हैं।
- Written By: आकाश मसने
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
अकोला: अकोला जिले में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप जारी है। उसके समाधान के तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने जमा हुए पानी में गप्पी मछली छोड़ने की पहल भी शुरू कर दी है। नागरिकों के अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने और बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए निवारक उपाय किए गए हैं। मच्छर रोधी छिड़काव एवं गप्पी मछली छोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले में 1 हजार 754 स्थानों पर गप्पी मछली छोड़ी गई है।
इस बीच जिले भर में एक ही दिन जमा पानी में गप्पी मछली छोड़ने का अभियान चलाया गया। यह पहल अकोला मंडल उपनिदेशक डाॅ. कमलेश भंडारी की संकल्पना से क्रियान्वित की गई है। सहायक निदेशक डाॅ. राधा जोगी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. बलिराम गाडवे एवं जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. अतुल शंकरवार के मार्गदर्शन में गप्पी मछली एवं आइल के गोले छोड़ने का एक दिवसीय अभियान सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया गया।
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मच्छरों के लार्वा को नष्ट करती है गप्पी मछली
मानसून के दौरान कई स्थानों पर जल जमाव रहता है। यह स्थान अस्थायी और स्थायी मच्छरों के प्रजनन स्थल बन जाते हैं। चूंकि गप्पी मछलियां मच्छरों के लार्वा को नष्ट कर देती हैं, वे मच्छरों के प्रजनन को रोकने और डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों को फैलाने वाले मच्छरों के घनत्व को कम करने में मदद करती हैं। यह कीट रोगों के नियंत्रण में मदद करता है।
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पानी जमा न होने दें
मानसून के दौरान अस्थायी और स्थायी मच्छर प्रजनन स्थलों में वृद्धि के कारण डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया रोगों में वृद्धि होती है। गप्पी मछलियां मच्छरों के प्रजनन को रोकती हैं क्योंकि वे मच्छरों के लार्वा की शिकारी होती हैं। 1754 मच्छर प्रजनन स्थलों पर गप्पी मछलियां छोड़ी गईं। जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. अतुल शंकरवार ने अपील की कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए नागरिकों को अपने घरों के आस पास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए।
अभियान में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का सहभाग
यह अभियान जिला मलेरिया कार्यालय के अंतर्गत अकोला जिले के 31 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 176 उप-केंद्रों, मनपा के तहत 10 नागरिक स्वास्थ्य केंद्रों, 1 उप-जिला अस्पताल और 5 ग्रामीण अस्पतालों में लागू किया गया। इस अभियान में आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य नर्सों, स्वास्थ्य निरीक्षकों, प्रयोगशाला चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों ने कड़ी मेहनत की।
