भारी बारिश से फसल बर्बाद, फिर भी नहीं मिला बीमा; मानोरा के किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी
Crop Insurance Compensation:वाशिम जिले के मानोरा तहसील के किसान 2025 खरीफ सीजन में भारी बारिश से हुए फसल नुकसान के बावजूद फसल बीमा राशि का इंतजार कर रहे हैं।
Rain Crop Damage (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Manora Crop Insurance: मानोरा तहसील के किसानों को 2025 खरीफ सीजन के लिए कोई भी बीमा का फायदा नहीं मिला है। जिसकी वजह से किसान सरकार और बीमा कंपनियों से बहुत नाराज़ हैं। पिछले साल सोयाबीन की फसल के दौरान भारी बारिश की वजह से खेत में पूरी फसल सड़ गई थी। लेकिन आज तक बीमा का एक भी रुपया नहीं मिला है। किसानों के मुताबिक, भारी बारिश की वजह से सोयाबीन का एक भी दाना उनके घरों तक नहीं पहुंचा ।
ऐसे मुश्किल हालत में भी सरकार ने मदद के सारे दरवाजे बंद कर दिए हैं। जिससे बीमा मिलने में दिक्कतें आ रही हैं। विशेषत फसल, बीमा कंपनी के प्रतिनिधियो ने संबंधित किसानो का नुकसान शून्य बताने का आरोप भी किया जा रहा है। प्रत्यक्ष में 100 प्रश नुकसान होने पर भी कागज़ों में सब कुछ ठीक दिखाए जाने से किसानो में रोष व्याप्त है। भारी बारिश की वजह से फसलें खेतों में सड़ गईं, फिर भी बीमा देने से मना किया जा रहा है।
एक महीने में बीमा नहीं मिला तो होगा आंदोलन
तो तहसील के किसानों के फसल बीमा को लेकर सरकार कब जागेगी यह सवाल किसान उठा रहे हैं। इस बीच, असोला खुर्द इलाके के किसानों ने साफ संकेत दिए है कि अगर एक महीने के अंदर फसल बीमा की रकम नहीं मिली, तो ज़ोरदार आंदोलन किया जाएगा। सरकार और फसल बीमा कंपनी तुरंत ध्यान दें और किसानों को इंसाफ देने की मांग की गई है।
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खरीफ 2025 को लेकर किसानों का अल्टीमेटम
ग्राम गन्ना के प्रगति किसान देवनाथ भोयर पाटिल ने कहा कि, पिछले साल बादल फटने जैसी भारी बारिश और लगातार बारिश की वजह से उड़द, मूंग, सोयाबीन फसलें बर्बाद हो गईं, लेकिन, बीमा कंपनी ने ज़ीरो नुकसान दिखाया, यह किसानों के साथ सीधा अन्याय है। किसानों को कर्ज माफी के साथ फसल बीमा का फायदा दिया जाना चाहिए।
