Akola: आंबेडकर-बिरसा मुंडा योजनाओं से 72 किसानों को फायदा, अब खेतों में बहेगी उम्मीद की धारा
डॉ बाबासाहब आंबेडकर कृषि स्वावलंबन योजना व बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना के अंतर्गत सिंचाई कुएं का निर्माण करवाने की बात कही थी। हाल ही में इस योजना के लाभार्थी को पहली किस्त दी गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
सिंचाई कुआं (सौ. सोशल मीडिया )
Akola News In Hindi: डा बाबासाहब आंबेडकर कृषि स्वावलंबन योजना व बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए सिंचाई कुएं निर्माण हेतु लाभार्थियों को पहला हफ्ता वितरित किया गया है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा डा आंबेडकर योजना के लिए 1।60 करोड़ तथा आदिवासी विभाग द्वारा बिरसा मुंडा योजना के लिए 80 लाख रु का निधि मंजूर किया गया है।
डा आंबेडकर योजना के तहत 48 लाभार्थियों का चयन किया गया है, वहीं बिरसा मुंडा योजना से 24 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। साथ ही आठ पुराने कुओं की मरम्मत भी की जाएगी। अनुसूचित जाति व नवबौद्ध किसानों के जीवनमान में सुधार व आयवृद्धि हेतु डा।आंबेडकर योजना वर्ष 1982-83 से तथा अनुसूचित जनजातियों के लिए बिरसा मुंडा योजना वर्ष 1992-93 से लागू है।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर मर्डर केस में दो आरोपियों को उम्रकैद, कोर्ट का बड़ा फैसला; रंजिश के चलते की थी हत्या
Mumbai Local Train में 1512 हेल्पलाइन बनी सुरक्षा का भरोसा, शिकायतों में 65% की बढ़ोतरी
Women Reservation Bill खारिज, BMC में भाजपा-शिवसेना का काला विरोध, सदन में हंगामा
नागपुर में सार्वजनिक शौचालयों की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त: मनपा से मांगा जवाब, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
इन योजनाओं के अंतर्गत प्रति लाभार्थी 4 लाख रु का अनुदान सिंचाई कुएं के लिए दिया जाता है। वर्ष 2025-26 के लिए डा।आंबेडकर योजना में 35 लाख रु। तथा बिरसा मुंडा योजना में 8।5 लाख रु। को तकनीकी मंजूरी प्राप्त हुई है।
ये भी पढ़ें :- Akola News: Congress में चुनावी बिगुल, हर्षवर्धन सपकाल ने कहा- अब जीत ही लक्ष्य!”
गतवर्ष के 10 करोड़ के कार्यों पर लगी रोक
वर्ष 2024-25 में अनुसूचित जाति उपाय योजना व वस्ती विकास योजना के 36 करोड़ रु। के निधि को अन्य योजनाओं की ओर मोड़ा गया था। इसमें से 10 करोड़ रु कृषि विभाग को प्राप्त हुए, लेकिन हाईकोर्ट द्वारा निधि खर्च पर स्थगन आदेश दिए जाने से 5 करोड़ रु। के सिंचाई कुएं निर्माण कार्यों पर ब्रेक लग गया। कुल 427 अर्जियों को मंजूरी देकर 5।77 करोड़ रु। के कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई थी, जो अब स्थगित हैं। इस कारण कई लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलने में विलंब हो रहा है। प्रशासन से अपेक्षा है कि जल्द ही इस स्थगन को हटाकर कार्यों को गति दी जाएगी।
