Akola News: 10 हज़ार बच्चों ने बनाई शाडू मिट्टी की गणेश मूर्तियाँ, घर-घर पहुँचा पर्यावरण संदेश

Akola News: अकोला में पर्यावरण संरक्षण के लिए अद्भुत मिसाल पेश की है। इसी कड़ी के अंतर्गत अकोला का पहला कृत्रिम गणेश विसर्जन कुंड सातव चौक में स्थापित किया गया है।
अकोला में पर्यावरण संरक्षण के लिए अद्भुत मिसाल पेश की है। इसी कड़ी के अंतर्गत अकोला का पहला कृत्रिम गणेश विसर्जन कुंड सातव चौक में स्थापित किया गया है। इसके साथ ही पहली बार बच्चों ने 10000 शाडू की मूर्ति बनायी।
कृत्रिम टैंक (सौ. सोशल मीडिया )
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Akola News In Hindi: गणेशोत्सव में पर्यावरण जागरूकता की पहल अकोला में गणेशोत्सव को केवल भक्ति और उत्सव तक सीमित न रखते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने की पहल एड धनश्री देव स्मृति सेवा प्रकल्प और नीलेश देव मित्र मंडल ने 15 वर्ष पूर्व शुरू की थी।
इसी संकल्पना के तहत अकोला का पहला कृत्रिम गणेश विसर्जन कुंड सातव चौक में स्थापित किया गया। आज शहर में 25 से अधिक विसर्जन कुंड हैं, लेकिन इसकी शुरुआत सातव चौक से हुई थी जो अकोला के लिए गर्व का विषय है।
सातव चौक का विसर्जन कुंड एक आदर्श उपासना स्थल। यह कुंड केवल मूर्ति विसर्जन का स्थान नहीं बल्कि श्रद्धा और पर्यावरण का संगम है। यहां भक्तों के लिए संगीत से युक्त भक्ति वातावरण, निर्माल्य संकलन की विशेष व्यवस्था, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाएं और स्वच्छ व सुरक्षित घाट उपलब्ध कराए गए हैं।
बच्चों के हाथों से बनी 10 हजार शाडू मिट्टी की गणेश मूर्तियाँ इस वर्ष की विशेष उपलब्धि रही। शाडू मिट्टी की गणेश मूर्ति कार्यशाला। नीलेश देव मित्र मंडल और एड। धनश्री देव स्मृति सेवा प्रकल्प के सहयोग से बच्चों ने अपने हाथों से लगभग 10 हजार गणेश मूर्तियाँ तैयार कीं जो अकोला के घर-घर में विराजमान हुईं। इस पहल से बच्चों में संस्कार और पर्यावरण के प्रति जागरूकता की भावना विकसित हुई।

अकोला की अनोखी पहलें

सातव चौक से शुरू हुआ पहला कृत्रिम विसर्जन कुंड, निर्माल्य कलश रथ की संकल्पना का जन्म अकोला में कोरोना काल में फिरते विसर्जन कुंड की शुरुआत, विदर्भ में पहली बार इस वर्ष बच्चों के माध्यम से 10 हजार शाडू मिट्टी के गणेश घर-घर पहुँचे।

नागरिकों से सहभागिता की अपील

शनिवार 6 सितंबर 2025 को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक सातव चौक स्थित कृत्रिम विसर्जन कुंड भक्तों के लिए खुला रहेगा। एड। धनश्री देव स्मृति सेवा प्रकल्प और नीलेश देव मित्र मंडल ने सभी नागरिकों से इस पर्यावरण अनुकूल उपक्रम में सहभागी होने की अपील की है ताकि स्वच्छ श्रद्धा और शुद्ध पर्यावरण की भावना को और अधिक बल मिल सके।
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