जो बिकेगा वही उगाएगा किसान, कृषि समृद्धि योजना में 5 हजार करोड़ का प्रावधान, मंत्री भरणे के निर्देश
Dattatray Bharne: कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय व कृषि विभाग के संयुक्त प्रयास द्वारा विवि परिसर में आयोजित शिवार फेरी व चर्चा सत्र के उद्घाटन समारोह पहुंचे।
- Written By: प्रिया जैस
शिवार फेरी का उद्घाटन करते हुए कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे व अन्य
Akola News: कृषि तकनीकीकरण, आधुनिक तकनीकी ज्ञान व पानी का योग्य उपयोग इसके द्वारा कृषि क्षेत्र के विकास के लिए नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी प्रकल्प व कृषि समृद्धि योजना में सरकार ने एक बड़ा प्रावधान किया है। नैसर्गिक संकट में किसान बंधुओं को बल प्रदान करने के लिए राज्य सरकार गंभीरता के साथ खड़ी है। राज्य का एक भी अतिवृष्टि बाधित किसान नुकसान भरपाई से वंचित नहीं रहेगा, यह विचार राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रण भरणे ने प्रकट किए।
वे डॉ.पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय व कृषि विभाग के संयुक्त प्रयास द्वारा विवि परिसर में आयोजित शिवार फेरी व चर्चा सत्र के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर कृषि राज्य मंत्री आशीष जयस्वाल, उप कुलपति डॉ. शरद गडाख, सांसद अनूप धोत्रे, विधायक वसंत खंडेलवाल, विधायक प्रकाश भारसाकले, विधायक हरीश पिंपले, विधायक किरण सरनाईक, वसंतराव नाईक कृषि विवि क उप कुलपति डॉ. इंद्र मणि, पशुसंवर्धन विवि के उप कुलपति डॉ. नितिन पाटिल प्रमुखता से उपस्थित थे।
कृषि संजीवनी योजना
कृषि मंत्री ने आगे कहा कि, कृषि क्षेत्र के विकास के लिए कृषि संजीवनी योजना में करीब 6 हजार करोड़ तथा कृषि समृद्धि योजना में 5 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। नये तकनीकी ज्ञान और साधन किसानों तक पहुंचाने के लिए विविध योजनाओं और उपक्रमों पर अमल किया जाएगा। इस वर्ष राज्य में अतिवृष्टि के कारण अब तक 63 लाख 51 हजार 520 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों का नुकसान हुआ है। राज्य सरकार नुकसानग्रस्त किसानों के साथ खंबिरता के साथ खड़ी है।
सम्बंधित ख़बरें
छत्रपति संभाजीनगर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल; आम आदमी का बजट बिगड़ा, ऑटो एलपीजी हुई सस्ती
पुणे कृषि महाविद्यालय में ‘अजित दादा पवार देशी गाय केंद्र’ का नामकरण, महिला किसानों के रोजगार पर जोर
NEET पेपर लीक आरोपियों के घर कब चलेगा बुलडोजर? पूर्व विधायक आसिफ शेख का BJP से कड़वा सवाल
पुणे रिंग रोड के लिए 14 गांवों की जमीन अधिग्रहण प्रस्तावित, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
नुकसान भरपाई से कोई भी वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि, बदलता पर्यावरण, समय समय पर आनेवाले नैसर्गिक संकट कृषि क्षेत्र के सामने आते हैं। इस काल में किसानों ने उत्पादन बढ़ाने के लिए एकात्मिक खेती पद्धति, पूरक व्यवसायों की ओर भी ध्यान देना चाहिए। सभी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाना चाहिए। इसके अलावा भी उन्होंने कृषि से संबंधित विस्तार पूर्वक विचार प्रकट किए।
यह भी पढ़ें – एनसीपी का चिंतन, भाजपा को चुनौती, गडकरी-फडणवीस का प्रभाव, फिर भी दबाव, बदलेंगे समीकरण?
जो बिकेगा वहीं उत्पादन होगा
- कृषि राज्य मंत्री आशीष जयस्वाल ने कहा कि, जो बिकेगा वहीं उत्पादित होगा, इसी संकल्पना पर राज्य शासन अमल कर रहा है।
- विविध योजनाओं और उपक्रमों के लिए कृषि बजट बढ़ाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में एआई जैसा अत्याधुनिक तकनीकी ज्ञान उपयोग में लाया जा रहा है।
- इस अवसर पर सांसद अनूप धोत्रे, उप कुलपति डॉ. शरद गडाख ने भी विचार रखें। कार्यक्रम का संचालन डॉ. किशोर बिडवे ने किया। मंत्री महोदय द्वारा शिवार फेरी का निरीक्षण किया।
