Akola: खडकी में E-Bus Charging Station का काम अटका, 6 करोड़ का योगदान अब भी अधूरा
Akola में प्रदूषणमुक्त सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए Akola Municipal Corporation को केंद्र सरकार के द्वारा 41 ई-बसें मिलने वाली हैं। निधि न मिलने से काम की गति धीमी हो गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अकोला महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
Akola News In Hindi: अकोला शहर में प्रदूषणमुक्त सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महापालिका को केंद्र सरकार की ओर से 41 ई-बसें प्राप्त होने वाली हैं।
ये बसें बैटरी से संचालित होंगी, जिससे शहर में वायु प्रदूषण में कमी आएगी। लेकिन इन बसों के लिए आवश्यक चार्जिंग स्टेशन और बस डिपो के निर्माण कार्य की गति केंद्र और राज्य सरकार से निधि न मिलने के कारण धीमी पड़ गई है।
महापालिका ने खडकी परिसर में 3 एकड़ भूमि अधिग्रहित कर चार्जिंग स्टेशन और डिपो निर्माण का कार्य शुरू किया है। चार्जिंग स्टेशन के लिए एक्सप्रेस फीडर की आवश्यकता थी, जिसके लिए 33 केवी केंद्र से सब ट्रांसफार्मर स्थापित कर 1 किलोमीटर तक 1 केवी केबल बिछाई गई। इस कार्य पर 2।50 करोड़ रुपये का खर्च आया।
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इसके अलावा, स्थल पर 1000 केवी के तीन ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं। चार्जिंग स्टेशन तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क से 1 किलोमीटर कंक्रीट सड़क बनाई गई, जिस पर 6 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस योजना के तहत केंद्र सरकार से 6 करोड़, राज्य सरकार से 4 करोड़ और महापालिका को 3।42 करोड़ रुपये का योगदान देना है।
लेकिन अब तक केंद्र से केवल 3 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि राज्य सरकार से कोई निधि नहीं मिली है। इस कारण कार्य की गति मंद हो गई है। यदि यह निधि महापालिका चुनाव से पहले नहीं मिलती, तो आचार संहिता लागू होने के बाद ही यह राशि प्राप्त हो सकेगी। ऐसे में ई-बस सेवा का लाभ नागरिकों को 2026 के अंत तक ही मिल पाने की संभावना है।
वर्तमान कार्य की स्थिति
प्रशासकीय इमारत की पायाभरणी पूर्ण हो चुकी है। अग्निशमन टंकी, भूमिगत जल टंकी, वर्कशॉप, अंतर्गत सड़कें, पार्किंग शेड, और सबस्टेशन उपकरण जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। महापालिका को इस योजना में 3.42 करोड़ रुपये का हिस्सा वहन करना है। चूंकि बस डिपो की भूमि बाढ़ संभावित क्षेत्र में आती है, इसलिए भूपृष्ठ तकनीकी जांच कर स्ट्रक्चरल डिज़ाइन तैयार किया गया है।
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इस कारण अनुमानित बजट में 2.44 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है, जिसे महापालिका को ही वहन करना होगा। इस परियोजना की सफलता के लिए केंद्र और राज्य सरकार से पूर्ण निधि का शीघ्र वितरण आवश्यक है, ताकि अकोला शहर में ई-बस सेवा समय पर शुरू की जा सके और नागरिकों को प्रदूषणमुक्त परिवहन का लाभ मिल सके।
