आषाढ़ी यात्रा के लिए पंढरपुर में लगा वारकरी संतों का मेला। (सैजन्यः सोशल मीडिया)
अकोला: वारकरी संतों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, श्री संत वासुदेव महाराज ज्ञानपीठ संस्था, अकोट द्वारा आयोजित पालकी समारोह 7 जून को श्री क्षेत्र श्रद्धा सागर, अकोट से पंढरपुर के लिए रवाना होगी। इस यात्रा में श्री संत वासुदेव महाराज की पालकी-रथ के साथ भक्तों की पवित्र पैदल दिंडी यात्रा संपन्न होगी।
श्री क्षेत्र पंढरपुर की आषाढ़ी यात्रा में भाग लेने के लिए श्री संत वासुदेव महाराज ज्ञानपीठ संस्था, अकोट द्वारा गत 15 वर्षों से यह पालकी यात्रा आयोजित की जा रही है। यह पवित्र यात्रा श्रद्धा सागर, अकोट से शुरू होकर लगभग 650 किलोमीटर की पैदल वारी सफर तय करेगी और श्री क्षेत्र पंढरपुर में संत वासुदेव महाराज धर्मशाला तक पहुंचेगी।
पालकी यात्रा में सभी भक्तों को नि:शुल्क प्रवेश दिया जाएगा। वारकरियों के लिए भोजन, निवास और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही, सभी भक्तों की सुरक्षा के लिए संस्था द्वारा मुफ्त बीमा कवच प्रदान किया जाएगा। यात्रा में पहली बार शामिल होने वाले 100 वारकरियों को संस्था द्वारा नि:शुल्क वारकरी गणवेश दिया जाएगा, जिसमें पुरुषों को शर्ट, पायजामा/धोतर, दुपट्टा, टोपी दी जाएगी, जबकि महिलाओं को साड़ी, चोली उपलब्ध कराई जाएगी। वारकरियों की सेवा के लिए संस्था द्वारा पानी टैंकर साथ में रहेगा। बेलुरा ग्राम पंचायत के सरपंच राम मंगले की ओर से श्रींचरणों में एम्बुलेंस अर्पण की जाएगी।
पालकी यात्रा के प्रस्थान से पहले, सुबह 9:30 बजे श्री ह.भ.प. वासुदेवराव महाराज महल्ले का कीर्तन होगा, जिसके बाद महाप्रसाद आयोजित किया जाएगा। दोपहर 10 बजे दिंडी यात्रा और रथयात्रा का भव्य प्रस्थान होगा। इस अवसर पर भक्तों से वारकरी गणवेश में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है। संस्था द्वारा इच्छुक भक्तों से अनुरोध किया गया है कि वे अपना पंजीयन आधार कार्ड जेरॉक्स और पासपोर्ट फोटो सहित संस्था के कार्यालय में करें।
श्री संत वासुदेव महाराज का निर्वाण दिवस 2 जुलाई 2009 (आषाढ़ शुद्ध दशमी) को पंढरपुर में हुआ था। इस दिव्य स्मरण में 5 जुलाई 2025 को श्री क्षेत्र पंढरपुर में श्री संत वासुदेव महाराज पुण्यतिथि महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर सुबह 4 बजे दिंडी प्रदक्षिणा, चंद्रभागा वालवंट में अग्नि संस्कार स्थल पर अभिषेक और आरती होगी। इसके बाद कीर्तन, प्रवचन, हरिपाठ, भजन और रात 9:45 बजे दीपोत्सव एवं महाआरती संपन्न होगी। यही कार्यक्रम श्री क्षेत्र श्रद्धासागर, अकोट में भी आयोजित किया जाएगा।
पालकी का निवास 3 जुलाई से 10 जुलाई 2025 तक श्री संत वासुदेव महाराज धर्मशाला, श्री क्षेत्र पंढरपुर में रहेगा। इस दौरान श्री ग्रंथराज ज्ञानेश्वरी पारायण एवं अखंड हरिमान सप्ताह का आयोजन होगा, जिसमें प्रवचन, कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे।
पालकी समारोह प्रमुख तथा संस्थाध्यक्ष सर्वश्री. ह.भ.प. वासुदेवराव महाराज महल्ले के साथ महादेवराव ठाकरे, गजाननराव दुधाट, अंबादास महाराज मानकर के मार्गदर्शन में श्रीराम कोरडे, ज्ञानेश्वर नराजे, बालकृष्ण वाकोडे, नागोराव बायस्कार, महादेवराव बोरोकार, जनार्दन ठाकरे, ह.भ.प. सागर महाराज परिहार, तेजराव महाराज म्हसाये, अनंत महाराज अवारे, महादेव महाराज जानोरकर, बालाजी महाराज तिडके, अरविंद महाराज माली, राम महाराज गाढे, रामेश्वर महाराज गाडेगाव, किशोर महाराज लले, सोपान महाराज कालुसे, प्रफुल्ल महाराज हरणे, सागर महाराज मेहरे, संदीप महाराज उंडाल, श्रीकृष्ण महाराज मुले, पुरुषोत्तम महाराज तलोकार, पवन महाराज जाधव, अनिल महाराज नराजे, पवन महाराज कालमेघ, ऋषि महाराज सोनोने, विष्णु महाराज गावंडे, ज्ञानेश्वर माऊली डांगरे, कार्तिक महाराज रोकडे, राज महाराज शिंगणे, अर्पित महाराज दुधाट, चोपदार नाजूकराव डोबाले, विजय सुरंसे, सुरेश कुलट के साथ रथ चालक दीपक मोहोकार, मदन मोहोकार, सारंगधर गावंडे, ज्ञानेश्वर बाहेकर, सुरेश मानकर, प्रभाकर डोबाले, ट्रैक्टर सेवा चक्रधर टवले, विद्युत सेवा अनंता गणगणे आदि सेवाधारी, असंख्य पताकाधारी, अबदागिरीधारी पुरुष व महिला वारकरी मंडल पालकी समारोह में रहेंगे।