अकोला जिला परिषद का 40 करोड़ का बजट जल्द: शिक्षा और स्वास्थ्य पर रहेगा फोकस, लगातार दूसरी बार प्रशासकीय बजट
Akola Zilla Parishad, Budget 2026: अकोला जिला परिषद का 2026-27 का करीब 40 करोड़ का प्रशासकीय बजट जल्द पेश होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, जलापूर्ति व ग्रामीण सड़कों को प्राथमिकता, 6 करोड़ खर्च करना चुनौती।
- Written By: रूपम सिंह
अकोला जिला परिषद (सौजन्य-नवभारत)
Akola Development News: अकोला जिला परिषद का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट शीघ्र ही प्रस्तुत किए जाने की जानकारी है। इस बजट में ग्रामीण विकास, जलापूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क मरम्मत तथा विभिन्न विकास योजनाओं के लिए निधि का प्रावधान किया जाएगा। अनुमान है कि इस बार का बजट लगभग 40 करोड़ रुपये का होगा। उल्लेखनीय है कि, लगातार दूसरी बार जिला परिषद में ‘प्रशासकीय’ बजट पेश किया जाएगा।
जिला परिषद में बजट की तैयारी जारी है। विभिन्न विभागों से आवश्यक जानकारी और खर्च का विवरण मांगा गया है। पंचायत समितियों से भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार प्रस्ताव प्राप्त किए जा रहे हैं। नागरिकों की निगाह इस बात पर है कि किस विभाग को कितना निधि मिलेगा और किन विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। परंपरागत रूप से जिला परिषद का बजट जिले के विकास का खाका माना जाता है। पूर्व में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य बजट पर चर्चा करते थे और सुझाव देते थे। किंतु वर्तमान में जनप्रतिनिधि न होने के कारण मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मार्गदर्शन में प्रशासकीय स्तर पर ही बजट तैयार किया जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता
प्राथमिक जानकारी के अनुसार इस बार के बजट में शिक्षा विभाग के लिए सर्वाधिक निधि रखी जाएगी। इसके बाद स्वास्थ्य, जलापूर्ति, ग्रामीण सड़कें, निर्माण कार्य तथा स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत और सुविधाओं के विस्तार के लिए भी निधि का प्रावधान होगा। प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की योजना बना रहा है।
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प्राप्त निधि का उपयोग और परिषद की चुनौती
अकोला जिला परिषद को सरकार से उपकर और अन्य स्रोतों से प्राप्त निधि में से लगभग 6 करोड़ रुपये अब भी खर्च नहीं हुए हैं। इन्हें 31 मार्च से पहले विकास कार्यों पर खर्च करना जिला परिषद के सामने चुनौती है। फरवरी 2026 तक 28 करोड़ रुपये में से लगभग 22 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि 6 करोड़ रुपये शेष हैं।
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अन्य आय स्रोत
जिला परिषद को उपकर के साथ-साथ मुद्रांक शुल्क और परिषद की संपत्तियों से भी आय होती है। चालू वर्ष में मुद्रांक शुल्क से लगभग 8 करोड़ 93 लाख रुपये प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 4 करोड़ 45 लाख रुपये ग्राम पंचायतों को वितरित किए गए। यह बजट जिले के विकास की दिशा तय करेगा और ग्रामीण जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य तथा मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में राहत देने की उम्मीद जगाता है।
