अकोला जिले में झड़ रहे तुअर के फूल, बढ़ता-घटता तापमान बना कारण, प्राकृतिक संकटों से किसान परेशान
Tur Flower Drop Issue: अकोला जिले में तेजी से बदलते तापमान के कारण तुअर के पौधों से फूल झड़ने लगे हैं, जिससे उत्पादन पर खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को रोकथाम के उपाय अपनाने की सलाह दी।
- Written By: आंचल लोखंडे
अकोला जिले में झड़ रहे तुअर के फूल (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Akola Agriculture News: खरीफ सीजन में किसानों को पहले ही अतिवृष्टि और बेमौसम बारिश से भारी नुकसान झेलना पड़ा है। सोयाबीन और कपास की फसलें बड़े पैमाने पर प्रभावित हुईं। कई स्थानों पर तो खेतों में कटाई के बाद रखी सोयाबीन भी बेमौसम बारिश से खराब हो गई। कपास तोड़ाई के दौरान अचानक हुई वर्षा ने उत्पादन पर सीधा असर डाला।
अब मौसम का एक और रूप किसान की चिंता बढ़ा रहा है। इन दिनों तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव होने के कारण जिले के कई क्षेत्रों में तुअर (अरहर) के पौधों से फूल झड़ने लगे हैं, जिससे उत्पादन पर खतरा मंडराने लगा है। करीब 15 दिन पूर्व अचानक न्यूनतम तापमान 11–12°C तक पहुंच गया, फिर कुछ दिनों बाद यह बढ़कर 19–20°C हो गया। इसके बाद पुनः 12–13°C के आसपास पहुंचने से फसल पर प्रतिकूल असर पड़ा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार तुअर के लिए 21–24°C तापमान आदर्श माना जाता है।
फूल झड़ना रोकने के उपाय
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को निम्नलिखित सुझाव दिए हैं।
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- खेत में अधिक पानी न रुके, उचित नाली व्यवस्था रखें
- पौधों की अच्छी मशागत करें
- एनपीके 25:50:30 के अनुसार खाद डालें
- माइक्रो ग्रेड 10 (0.5–1%) का छिड़काव करें
- एसिटिक एसिड 40 PPM, बोरॉन (1%), DAP या KNO3, पोटाश (1%) का छिड़काव
- शीतलहर के समय हल्की सिंचाई
- कोहरे से बचाव के उपाय अपनाएं
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स्थिति गंभीर हुई तो उत्पादन पर पड़ेगा असर
इस संदर्भ में किसान हेमंत देशमुख ने कहा कि “जिले के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड तथा कुछ स्थानों पर कीटों के कारण तुअर के फूल झड़ रहे हैं। यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई, तो उत्पादन प्रभावित होगा। किसान अभी भी प्राकृतिक संकटों से उबर नहीं पाए हैं; कई किसानों का तो उत्पादन खर्च भी नहीं निकल पाया है। तुअर फसल की तुरंत देखभाल जरूरी है।”
