

Akola Farmer Drought Relief: अकोला जिले में बारिश के करीब छह सप्ताह के लंबे अंतराल से सोयाबीन उत्पादक किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
जिले में करीब 2.05 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बुआई हुई है, जिसमें से करीब 1.50 लाख हेक्टेयर फसल को नुकसान होने का कांग्रेस ने दावा किया है। कांग्रेस ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर सहायता देने की मांग की है।
अकोला जिले में खरीफ सीजन के दौरान बारिश में लंबे अंतराल ने सोयाबीन उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है। करीब छह सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण सोयाबीन की फसल प्रभावित होने का दावा कांग्रेस की ओर से किया गया है। जिले में लगभग 2.05 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुआई हुई है।
कांग्रेस के अनुसार, इनमें से करीब 1.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की फसल को भारी नुकसान हुआ है। पार्टी का दावा है कि इससे लगभग 1 लाख किसान परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक अमानकर ने सरकार से अकोला जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय तक बारिश नहीं होने से सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में प्रभावित किसानों को सूखा राहत और अन्य आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
कांग्रेस ने नुकसानग्रस्त सोयाबीन फसल का तत्काल वस्तुनिष्ठ सर्वेक्षण और पंचनामा कराने की भी मांग की है। पार्टी की ओर से प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग की जाएगी।
कांग्रेस ने नुकसानग्रस्त सोयाबीन उत्पादक किसानों के फसल बीमा दावों की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि पात्र किसानों को फसल बीमा की राशि जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
अशोक अमानकर ने प्रशासन से खेतों में जाकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने और प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में पारदर्शी एवं वस्तुनिष्ठ पंचनामा कराने की मांग की है।
किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर से 16 सितंबर को दोपहर 1 बजे जिलाधिकारी कार्यालय के सामने बेमियादी अनशन शुरू करने की घोषणा की गई है। अशोक अमानकर ने कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, किसानों और नागरिकों से बड़ी संख्या में अनशन में शामिल होने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि किसानों को न्याय मिलने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस ने सरकार से तत्काल राहत उपाय लागू करने और नुकसानग्रस्त किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।