अकोला सभा में उपस्थित महापौर शारदा खेड़कर, मनपा आयुक्त डा. सुनील लहाने, अमोल गोगे
Standing Committee Members Akola: अकोला महानगरपालिका की सोमवार को हुई पहली सभा में पड़ित वार्ड पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। इससे आने वाले समय में मनपा का कामकाज किस तरह चलेगा, इसकी झलक मिल गई। इस सभा में मनपा के महत्वपूर्ण स्थायी समिति के 16 सदस्यों का चुनाव किया गया।
इसमें शहर सुधार आघाड़ी के 9 और विपक्ष के 7 सदस्य चुने गए। सभापति पद शहर सुधार आघाड़ी के पास ही रहेगा और विजय अग्रवाल के सभापति बनने की संभावना जताई जा रही है। सभा में महापौर शारदा खेड़कर, उप महापौर अमोल गोगे, मनपा आयुक्त डा. सुनील लहाने आदि प्रमुखता से उपस्थित थे।
सभा में स्थायी समिति सदस्य, महिला एवं बाल कल्याण समिति सदस्य, पड़ित वार्ड, नई प्रभाग समितियों की रचना आदि विषयों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए। प्रारंभ में पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार को श्रद्धांजलि दी गई।
शहर सुधार आघाड़ी से विजय अग्रवाल, हरीश आलिमचंदानी, सिद्धार्य उर्पवट, योगीता पावसाले, शरद तुरकर, मंजुषा शेलके, विनोद मापारी, पल्लवी मोरे और नर्गिस फय्याज खान चुने गए। कांग्रेस से सुवर्णरेखा जाधव, आजाद खान, फजलु पहलवान और शाहिन अंजुम, उबाठा से सागर भारुका, वंचित से नीलेश देव और एमआईएम से सय्यद रहीम सय्यद हसन को स्थान मिला।
महिला एवं बाल कल्याण समिति में भी शहर सुधार आघाड़ी का बहुमत रहा। इसमें निकिता देशमुख, सोनाली अंबारे, माधुरी क्षीरसागर, आरती घोगलिया, विद्या खंडारे (शहर सुधार आघाड़ी), प्रिया शिरसाट, निलोफकर खान (कांग्रेस), सोनाली सरोदे (उबाठा) और जयश्री बहादुरकर (वंचित) को नियुक्त किया गया। इस समिति का सभापति पद भी शहर सुधार आघाड़ी के पास रहेगा।
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सभा में पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण प्रभाग समितियों का क्षेत्र नया निर्धारित किया गया। इसके चलते रामदासपेठ, देशमुख फैल, रतनलाल प्लॉट चौक और एसटी बसस्थानक के पीछे का क्षेत्र अब पश्चिम जोन में शामिल किया गया है। इससे नागरिकों को कामकाज के लिए नए कार्यालय तक जाना पड़ेगा।
पड़ित वार्ड पर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्य सागर भारुका ने आरोप लगाया कि यह सब पैसे खाने के लिए किया जा रहा है। इस पर विजय अग्रवाल भड़क उठे और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष आमने-सामने आ गए। कुछ समय तक सभा में गर्मागर्मी रही।
विजय अग्रवाल ने कहा “जिनके घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते।” बाद में विवाद शांत हुआ। सभा में प्रभाग समितियों का नया क्षेत्र निर्धारण और प्रभाग की सफाई का काम देने पर भी जोरदार चर्चा हुई। दोनों विषय शहर सुधार आघाड़ी ने बहुमत के आधार पर मंजूर किए।