BJP की '60' की जिद ने बढ़ाई सहयोगियों की धड़कन! अकोला चुनाव में शिंदे और अजित पवार गुट का क्या होगा?

Akola Municipal Election 2026: अकोला मनपा चुनाव में 15 जनवरी को मतदान, 80 सीटों के लिए महायुति और मविआ में फंसा पेंच। भाजपा 60 सीटों पर अड़ी, इच्छुक प्रत्याशियों में बढ़ी बेचैनी।
Akola Municipal Election 2026: अकोला मनपा चुनाव में 15 जनवरी को मतदान, 80 सीटों के लिए महायुति और मविआ में फंसा पेंच। भाजपा 60 सीटों पर अड़ी, इच्छुक प्रत्याशियों में बढ़ी बेचैनी।
महायुति (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Akola BJP 60 Seats: मनपा चुनाव को लेकर अब तक महायुति और महाविकास आघाड़ी द्वारा कोई निर्णय घोषित नहीं किया गया है। जिस कारण चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशी काफी परेशानी में दिखाई दे रहे हैं। 15 जनवरी को मनपा चुनाव के लिए मतदान है। जिसमें 20 प्रभागों से 80 पार्षद चुने जाएंगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मनपा में महायुति गठबंधन में भाजपा 55 स्थान पर चुनाव लड़ेगी तथा शिवसेना शिंदे गुट को 15 तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस अजीत पवार गुट को 10 स्थान दिए जाने की संभावना है। वैसे एक जानकारी यह भी है कि, भाजपा 80 में से 60 स्थानों पर चुनाव लड़ने की इच्छा रखती है। लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की कोई घोषणा भाजपा द्वारा नहीं की गयी है।

शिवसेना-एनसीपी में असमंजस

जिसके कारण इच्छुक प्रत्याशी काफी असमंजस और परेशानी में देखे जा रहे हैं। उस पर सबसे बड़ी परेशानी यह है कि, जिन स्थानों से शिवसेना शिंदे गुट और राकां अजीत पवार गुट से इन पार्टियों के पदाधिकारी चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं। उन स्थानों को भाजपा छोड़ने को तैयार नहीं है। इसी कारण किसी प्रकार की घोषणा भाजपा द्वारा नहीं की जा रही है। इस मुद्दे को लेकर लगातार भाजपा में मंथन शुरू है। एक जानकारी यह भी है कि, शिवसेना शिंदे गुट ने 25 स्थानों की मांग की है। मनपा के पिछले कार्यकाल में भाजपा के पास 48 स्थान थे लेकिन अब भाजपा का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ है।

स्वतंत्र भी चुनाव लड़ सकती हैं पार्टियां

भाजपा, शिवसेना शिंदे गुट और राकां अजीत पवार गुट बिना गठबंधन के स्वतंत्र रूप से भी चुनाव लड़ सकते हैं ऐसी भी एक चर्चा शहर में है। लेकिन भाजपा द्वारा कहा जा रहा है कि एस, दो दिनों में गठबंधन की घोषणा की जाएगी। इसी तरह मविआ द्वारा भी अभी तक गठबंधन की कोई घोषणा नहीं की गयी है।

कांग्रेस, राकां शरद पवार गुट, शिवसेना उबाठा द्वारा गठबंधन के लिए लगातार चर्चाओं के दौर शुरू है, लेकिन अभी तक मविआ द्वारा भी कोई घोषणा नहीं की गयी है। यदि गठबंधन नहीं होता है तो मविआ की पार्टियां भी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकती हैं।

कई इच्छुकों द्वारा बिना गठबंधन के चुनाव की सलाह

जानकारी के अनुसार कई इच्छुक प्रत्याशी जिनकी उम्मीदवारी गठबंधन होने पर खतरे में दिखाई दे रही है वे इच्छुक प्रत्याशी अपने वरिष्ठ नेताओं को सलाह दे रहे हैं कि मनपा चुनाव में बिना गठबंधन के चुनाव लड़ना चाहिए।

चुनाव परिणाम के बाद भी गठबंधन किया जा सकता है। इस तरह अभी तक शहर में लगातार चर्चाओं के दौर शुरू है। लेकिन किसी प्रकार का कोई निर्णय राजनीतिक पार्टियों द्वारा घोषित नहीं किया गया है।

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