
भाजपा उम्मीदवारों की तस्वीर (सौजन्य-नवभारत)
Akola Municipal Corporation News In Hindi: अकोला महानगर पालिका में अल्पमत में आई भाजपा ने शहर सुधार आघाड़ी के माध्यम से अपना स्थान मजबूत कर लिया है। मंगलवार 27 जनवरी की सुबह विभागीय आयुक्त के समक्ष शहर सुधार आघाड़ी के 44 पार्षदों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे महापौर और उपमहापौर पदों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
सोमवार को पालकमंत्री एड. आकाश फुंडकर की मौजूदगी में हुई बैठक में भाजपा ने महापौर और उपमहापौर पदों के उम्मीदवारों की घोषणा की।इस अवसर पर विधायक रणधीर सावरकर और भाजपा चुनाव प्रमुख विजय अग्रवाल प्रमुखता से उपस्थित थे। प्रभाग 15 की पार्षद शारदा खेडकर को महापौर पद के लिए और प्रभाग 18 के पार्षद अमोल गोगे को उपमहापौर पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया।
बहुमत का आंकड़ा पूरा न होने पर भाजपा ने विरोधी पक्षों की रणनीति पर नजर रखते हुए सही समय पर बड़ा राजनीतिक झटका दिया। बताया जा रहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के तीन पार्षदों को सीधे भाजपा में शामिल करने के बजाय शहर सुधार आघाड़ी के माध्यम से साथ लाने का मार्ग बनाया गया। सत्ता हाथ से न जाने देने के लिए नागपुर से हरी झंडी मिलने के बाद शहर सुधार आघाड़ी का गठन किया गया और पार्षद पवन महल्ले को गुटनेता पद सौंपा गया।
महानगर पालिका में सत्ता स्थापना की पृष्ठभूमि पर भाजपा-प्रणीत शहर सुधार आघाड़ी की अमरावती विभागीय आयुक्त कार्यालय में आधिकारिक पंजीयन की गई। इस पंजीयन के लिए सभी पार्षदों ने कार्यालय में प्रत्यक्ष उपस्थिति दर्ज की। वर्तमान में आघाड़ी का संख्याबल भाजपा के 38 पार्षद, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के 3, अजीत पवार गुट का 1, शिवसेना (शिंदे गुट) का 1 और महानगर विकास समिति का 1 पार्षद मिलाकर कुल 44 हो गया है। सत्ता स्थापना के लिए आवश्यक 41 का बहुमत पार करने से राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं।
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महानगर पालिका में सत्ता स्थापना की पृष्ठभूमि पर भाजपा-प्रणीत शहर सुधार आघाड़ी की अमरावती विभागीय आयुक्त कार्यालय में आधिकारिक पंजीयन की गई। इस पंजीयन के लिए सभी पार्षदों ने कार्यालय में प्रत्यक्ष उपस्थिति दर्ज की। वर्तमान में आघाड़ी का संख्याबल भाजपा के 38 पार्षद, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के 3, अजीत पवार गुट का 1, शिवसेना (शिंदे गुट) का 1 और महानगर विकास समिति का 1 पार्षद मिलाकर कुल 44 हो गया है। सत्ता स्थापना के लिए आवश्यक 41 का बहुमत पार करने से राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं।






