माल लदान में पश्चिम रेलवे का 'चौका': लगातार चौथे साल 100 मिलियन टन का आंकड़ा पार, लॉजिस्टिक्स में बना अव्वल

Mumbai Railway News: पश्चिम रेलवे ने लगातार चौथे वर्ष 100 मिलियन टन माल लदान का आंकड़ा पार किया। कंटेनर, उर्वरक और खाद्यान्न परिवहन में वृद्धि से देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूती मिली है।
Western Railway crosses the 100 million tonne freight loading mark for the 4th consecutive year, showing significant growth in container, fertilizer, and foodgrain transport.
Mumbai Railway (फोटो क्रेडिट-X)
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Mumbai Western Railway Freight News: माल लोडिंग में पश्चिम रेलवे लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान अब तक माल लदान में 100 मिलियन टन से अधिक का आंकड़ा पार कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

इस उपलब्धि के साथ ही पश्चिम रेलवे ने लगातार चौथे वर्ष 100 मिलियन टन माल लदान का आँकड़ा पार किया है। माल परिवहन के क्षेत्र में अव्वलता के साथ निरंतर प्रदर्शन तथा देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को सशक्त बनाने में पश्चिम रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

वस्तुओं के लदान में वृध्दि

पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में पिछले वर्ष की तुलना में कई वस्तुओं के लदान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कंटेनर लदान 33.66 मिलियन टन रहा, जिसमें 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। उर्वरक लदान 18.92 मिलियन टन रहा, जिसमें लगभग 22 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि हुई।

खाद्यान्न लदान 1 मिलियन टन रहा, जिसमें 28 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि लौह एवं इस्पात की लोडिंग 0.69 मिलियन टन रही, जिसमें लगभग 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सीमेंट लदान 14.53 मिलियन टन रहा, जिसमें 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। अन्य वस्तुओं का लदान भी मजबूत रहा और यह 15.94 मिलियन टन दर्ज किया गया, जिसमें लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

लोडिंग के अन्य स्रोतों में बढ़ोतरी

अप्रैल 2025 से 12 मार्च 2026 की अवधि के दौरान वस्तुवार माल लदान में कोयला, उर्वरक, कंटेनर, पीओएल, सीमेंट, खाद्यान्न, लौह एवं इस्पात तथा अन्य वस्तुएँ शामिल हैं, जिससे कुल माल लदान 100.02 मिलियन टन तक पहुँच गया।

वर्ष के दौरान पश्चिम रेलवे ने सनोसरा, भीमासर, वरतेज, वडोदरा मार्शलिंग यार्ड, कड़ी, गांधीधाम आदि विभिन्न स्थानों से औद्योगिक नमक, प्याज, ऑटोमोबाइल आदि जैसी वस्तुओं में माल परिवहन के नए स्रोत भी विकसित किए गए। इससे पश्चिम रेलवे के माल परिवहन पोर्टफोलियो को और अधिक मजबूती मिली है।

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