नागपुर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल गुडधे का भाजपा पर बड़ा हमला; 'फेक नैरेटिव' से जनता को गुमराह कर रही सत्तापक्ष

Nagpur Prafull Gudhe: कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रफुल गुडधे ने भाजपा पर जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों पर दबाव बढ़ रहा है।
Nagpur Congress President Praful Gudadhe launches a scathing attack on the BJP; ruling party is misleading the public with a 'fake narrative'.
प्रफुल गुडधे, कांग्रेस,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Prafull Gudhe Political Statement: नागपुर जिले में कांग्रेस के नवनिर्वाचित शहर अध्यक्ष प्रफुल गुडधे ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह वास्तविक जनहित के मुद्दों से बचकर भावनात्मक विषयों के आधार पर जनता को गुमराह कर रही है। फेक नैरेटिव को उसने अपना हथियार बनाया है जबकि कांग्रेस हमेशा जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दे को लेकर मैदान में उतरती है। कांग्रेस ने ही लोकतंत्र को जिंदा रखते हुए हमेशा विपक्ष के लिए पर्याप्त स्पेस बनाए रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के शासनकाल में नागरिकों के अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

प्रफुल ने विविध विषयों पर 'नवभारत' से संवाद करते हुए अपनी बात रखी। आगामी 3 वर्षों में संगठन की कार्ययोजना पर चर्चा की और भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं होता, बल्कि न्यायपालिका, मीडिया और अन्य लोकतांत्रिक संस्थाएं भी इसका हिस्सा हैं। भाजपा के राज में लोकतंत्र खतरे में पड़ गया है।

उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होना इसका उदाहरण है। कांग्रेस शासन के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता थी और विपक्ष के लिए पर्याप्त लोकतांत्रिक स्थान उपलब्ध था। मजदूर, विद्यार्थी और आम नागरिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर सकते थे, लेकिन आज ऐसा संभव नहीं है। कोई आवाज उठाता है तो विभिन्न सरकारी एजेंसियों के माध्यम से उसे दबाने का प्रयास किया जाता है।

विप चुनाव को लेकर बैठक

विधान परिषद चुनाव में वे उम्मीदवार और नगरसेवकों के बीच समन्वयक की भूमिका निभा रहे हैं। विधानसभा क्षेत्रवार बैठकों का दौर जारी है। सबसे अधिक नगरसेवक पश्चिम नागपुर में हैं और उसके बाद उत्तर नागपुर का स्थान है। दोनों क्षेत्रों में पार्टी के विधायक लगातार निगरानी रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगले 3 दिनों में नगरसेवकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। मनोनीत सदस्यों का मुद्दा फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष के स्तर पर विचाराधीन है।

ठेकेदार चला रहे हैं शहर

प्रफुल गुडधे ने आरोप लगाया कि जनता ने जिन जनप्रतिनिधियों को सत्ता की कुर्सी सौंपी वे अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं, ठेकेदार शहर चला रहे है। शहर के विकास की परिभाषा पूरी तरह बदल गई है। इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर शहर की स्थिति बिगाड़ी जा रही है। जनप्रतिनिधियों को जनता ने दान या कृपा के रूप में नहीं, बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने के लिए चुना है लेकिन कई नेता इस जिम्मेदारी से दूर भाग रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत मुद्दों पर ध्यान देने के लिए सरकार के पास समय नहीं है। शहर में एक भी नया सरकारी स्कूल नहीं खोला गया। मिहान परियोजना की स्थिति क्या है, मेट्रो में कितने स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला और रोजगार सृजन की स्थिति क्या है, इन महत्वपूर्ण सवालों की उपेक्षा की जा रही है। सत्ताधारी बड़े नेता अपने परिवार के नाम पर ट्रस्ट बनाकर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं जबकि उनका मूल कर्तव्य सरकारी अस्पतालों में सारी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

चुनौतियों से निपटते हुए आगे बढ़ेंगे

पार्टी में गुटबाजी और आपसी टांग खिंचाई के सवाल पर प्रफुल गुडधे ने कहा कि पूर्व शहर अध्यक्ष एवं विधायक विकास ठाकरे के लंबे अनुभव का लाभ लेते हुए तथा सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर संगठन को मजबूत किया जाएगा।

अगले 3 वर्षों तक कोई चुनाव नहीं है। इसलिए इस दौरान स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाया जाएगा और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। बीजेपी द्वारा कांग्रेस पर मुस्लिमों की पार्टी होने का आरोप लगाने के संदर्भ में गुडघे ने कहा कि फेक नैरेटिव फैलाना व भावनाओं को भड़काकर राजनीतिक रोटी सेंकना बीजेपी का हथियार है।

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