

Highlights:
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत अकोला शहर के लिए कुल 42 आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं।
इनमें 12 मीटर लंबाई की 14 और 9 मीटर लंबाई की 28 बसें शामिल हैं।
बसें पहुंचने के बावजूद चार्जिंग स्टेशन और डिपो भवन तैयार नहीं होने से संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
Akola Municipal Corporation: अकोला महानगरपालिका क्षेत्र के नागरिकों को कम किराए में वातानुकूलित और सुरक्षित शहर परिवहन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री ई-बस सेवा' योजना के तहत 42 आधुनिक इलेट्रिक बसें उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। इनमें से कुछ बसें अकोला पहुंच भी चुकी हैं, लेकिन दिवाली का त्योहार आ जाने के बावजूद शहर में ई-बस सेवा शुरू नहीं हो सकी है।
चार्जिंग स्टेशन और डिपो भवन का काम अधूरा होने से इस सेवा का शुभारंभ लगातार टल रहा है। अकोला शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 3 जुलाई को महानगरपालिका में आधिकारिक द्विपक्षीय समझौता किया गया था।
इसके अनुसार, शहर के लिए 12 मीटर लंबाई की 14 और 9 मीटर लंबाई की 28, इस तरह कुल 42 ई-बसें मंजूर की गई हैं। बसों की आपूर्ति करने वाली फरीदाबाद की कंपनी नेक्स्टजेन ग्रीन मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड और अकोला महानगरपालिका के बीच यह समझौता हुआ था।
ई-बस सेवा शुरू होने से शहर की परिवहन व्यवस्था में सुधार होने और नागरिकों को कम किराए में सुरक्षित, आरामदायक तथा प्रदूषणमुक्त यात्रा की सुविधा मिलने की उम्मीद जताई गई थी। लेकिन बुनियादी सुविधाओं का काम अधूरा रहने से नागरिकों को इस सुविधा के लिए और इंतजार करना पड़ रहा है।
शहरवासियों में इस देरी को लेकर नाराजगी है। नागरिकों का सवाल है कि जब बसें उपलब्ध कराने की योजना पहले ही घोषित की जा चुकी है, तो चार्जिंग स्टेशन और डिपो का काम समय पर पूरा कर सेवा शुरू क्यों नहीं की गई। अब यह देखना होगा कि ई-बस सेवा वास्तव में कब तक शुरू हो पाती है।
समझौते के बाद एक महीने के भीतर बसें उपलब्ध कराने और 15 अगस्त से शहर में ई-बस सेवा शुरू करने की योजना थी। इससे अकोलावासियों को आधुनिक, आरामदायक और प्रदूषणमुक्त परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद थी।
हालांकि, निर्धारित समय बीतने के बाद भी सेवा शुरू नहीं हो सकी है। ई-बसों के संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग स्टेशन और डिपो भवन का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है। इसके चलते बसें उपलब्ध होने के बावजूद उनका नियमित संचालन शुरू करने में बाधा आ रही है। स्वतंत्रता दिवस से शुरू होने वाली यह सेवा अब दिवाली तक भी शुरू नहीं हो पाई है।