वर्धा स्वास्थ्य पर संकट: कुपोषण मुक्त अभियान तेज, बच्चों को दिया जा रहा पोषण आहार; प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता

Wardha Health Report: वर्धा जिले में 18 बच्चे अत्यंत गंभीर कुपोषण और 298 बच्चे मध्यम कुपोषण से ग्रसित पाए गए हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है।
Health Crisis in Wardha: Malnutrition-Free Campaign Intensifies; Nutritious Food Being Provided to Children; Administration Heightens Vigilance.
Wardha Malnutrition Children( Source: Social Media )
Published on
Updated on

Wardha Malnutrition Children: वर्धा जिले में 18 बच्चे कुपोषण की चपेट में होने की बात सामने आयी है। यह जानकारी सामने आने के उपरांत प्रशासन हरकत में आया है। जीन बच्चों की शारीरिक वृद्धि उम्र या लंबाई के अनुसार सही नहीं होती, उन्हें कुपोषित माना जाता है, ऐसे बच्चों को अक्सर दस्त और निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है।

कुपोषण बाल मृत्यु दर बढ़ाने का एक प्रमुख कारण है, इसलिए जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष प्रयास किए जा रहे जिले में महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा आंगनवाड़ियों के माध्यम से हर महीने बच्चों का वजन लिया जाता है।

फरवरी की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 18 बच्चे अत्यंत गंभीर कुपोषित पाए गए, जबकि 298 बच्चे मध्यम कुपोषण से ग्रसित हैं। समय पर चिन्हित किए गए कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए महिला एवं बाल विकास अधिकारियों के मार्गदर्शन में आंगनवाड़ी स्तर पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

इन बच्चों को उचित पोषण आहार देकर कुपोषण से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। गर्मी के दिनों में बढ़ते तापमान के कारण बच्चों की भूख कम हो जाती है।

जिससे वे भोजन की अनदेखी करते हैं। ऐसे में परिवार के सभी सदस्यों को सतर्क रहकर यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि बच्चे समय पर पर्याप्त भोजन करें।

  • महिला एवं बाल कल्याण विभाग की पहल।
  • बच्ची को उचित पोषण आहार देने का प्रयास।
  • गर्मियों में बच्चों की विशेष जरूरी देखभाल।

बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने के प्रयास

कुपोषण से प्रभावित इन बच्चों को पोषण आहार उपलब्ध कराकर कुपोषण से बाहर निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। बढ़ते तापमान के इस समय में हर व्यक्ति को अपने परिवार के छोटे बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

बच्चों को समय पर भरपेट भोजन मिले, इस पर माता-पिता को विशेष ध्यान देना चाहिए। गर्मियों में दस्त और लू का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए बच्चों की उचित देखभाल जरूरी है।

- जिप, महिला एवं बाल कल्याण, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मनीषा कुरसंगे

Navbharat Live
navbharatlive.com