Akola: इंधन दरवृद्धि के विरोध में सड़क पर उतरी VBA, जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाला बैलगाड़ी मोर्चा
Fuel Price Hike Protest: अकोला में ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों और महंगाई के विरोध में वंचित बहुजन आघाडी ने जिलाधिकारी कार्यालय पर भव्य बैलगाड़ी मोर्चा निकालकर सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- Written By: केतकी मोडक
अकोला में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ बैलगाड़ी से विरोध प्रदर्शन (सोर्स - सोशल मीडिया)
Bullock Cart Protest Against Fuel Price Hike In Akola: पिछले महज दो सप्ताह के भीतर चार बार हुई पेट्रोल और डीजल की भारी दरवृद्धि ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं और नागरिकों पर महंगाई का बोझ असहनीय रूप से बढ़ गया है। इसी जनविरोधी नीति के खिलाफ सोमवार को वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अकोला शहर में एक बेहद अनोखा और आक्रामक आंदोलन किया।
कार्यकर्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों का कड़ा विरोध करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर एक बेहद भव्य ‘बैलगाड़ी मोर्चा’ निकाला। वंचित बहुजन आघाडी के राष्ट्रीय प्रमुख एड. प्रकाश आंबेडकर के विशेष निर्देशानुसार इस समय संपूर्ण राज्यभर में इस प्रकार के बैलगाड़ी मोर्चे आयोजित कर सरकार को जगाने का प्रयास किया जा रहा है।
नारेबाजी के साथ उमड़ा जनसैलाब
अकोला शहर में सोमवार की सुबह से ही इस मोर्चे को लेकर भारी उत्साह देखा गया। शहर के प्रमुख मार्गों से शुरू हुए इस विशाल मोर्चे में हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता अपनी-अपनी पारंपरिक बैलगाड़ियां लेकर शामिल हुए।
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आंदोलन के दौरान ‘इंधन दरवृद्धि रद्द करो’, ‘जनता को सड़क पर लाने वाली भाजपा सरकार का निषेध हो’ और ‘पेट्रोल-डीजल नहीं मिलता, बैलगाड़ी ही विकल्प है’ जैसी गगनभेदी घोषणाओं के साथ महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी परिसर को पूरी तरह गुंजा दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ईंधन की कीमतें आम आदमी के बजट से बाहर हो चुकी हैं, जिससे परिवहन लागत बढ़ने के कारण हर छोटी-बड़ी चीज महंगी हो गई है।
आंदोलन में प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
इस व्यापक जन आंदोलन को सफल बनाने के लिए वंचित बहुजन आघाडी के कई शीर्ष और स्थानीय नेता अग्रिम पंक्ति में मौजूद रहे। मोर्चे का नेतृत्व करते हुए एड. नतीकोद्दीन खतीब, अरुंधती सिरसाट, प्रदेश उपाध्यक्ष डा. धैर्यवर्धन पुंडकर, राजेंद्र पातोडे, बालमुकुंद भिरड, प्रमोद देंडवे, मिलिंद इंगले, श्रीकांत घोगरे, राजकुमार दामोदर, आम्रपाली खंडारे, संगीता अढाऊ, नंदकुमार डोंगरे, धीरज इंगले, नीलेश देव सहित नगर पार्षद पराग गवई और सुनील इन्नाणी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इन सभी नेताओं ने सरकार की नीतियों को पूरी तरह जनविरोधी करार दिया।
पारंपरिक वाद्यों ने खींचा ध्यान
अकोला जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़े इस मोर्चे में शामिल पारंपरिक रूप से सजाई गई दर्जनों बैलगाड़ियों, हाथों में थामे विरोध प्रदर्शन के फलक (तख्तियों) और कार्यकर्ताओं की गगनभेदी घोषणाओं ने समूचे शहर वासियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। आंदोलन को और अधिक प्रभावी और धारदार बनाने के लिए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मार्ग में पारंपरिक वाद्य बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
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मोर्चे के समापन पर वंचित बहुजन आघाडी के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को एक मांग पत्र (निवेदन) सौंपा। इस निवेदन में पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लेने और आम नागरिकों को महंगाई से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की पुरजोर मांग की गई है।
