अकोला में नए साल पर हुए विवाद के बाद दोस्त ने की दोस्त की हत्या, पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा
Akola के बड़ी उमरी में नए साल पर हुए विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। अमोल पवार की हत्या के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी नितेश जंजाल को महज आधे घंटे में दबोच लिया। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
पकड़ा गया आरोपी, फोटो- नवभारत
Akola Crime News: अकोला शहर के सिविल लाइन्स पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बड़ी उमरी इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ दो घनिष्ठ मित्रों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप एक युवक की जान चली गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
घटना की शुरुआत शनिवार सुबह करीब 8 बजे हुई, जब सूरज भगेवार नामक व्यक्ति ने इमरजेंसी नंबर ‘डायल 112’ पर पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि बड़ी उमरी के संजय नगर इलाके में अमोल पवार (35) नामक युवक की हत्या कर दी गई है। सूचना प्राप्त होते ही सिविल लाइन पुलिस स्टेशन का जांच पथक और बीट कर्मचारी बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंचे।
दोस्ती में आई दरार तो कर दी हत्या
पुलिस की प्रारंभिक जांच और गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक अमोल पवार और आरोपी नितेश जंजाल (38) गहरे दोस्त थे और अक्सर साथ ही रहते थे। हालांकि, 1 जनवरी को नए साल के मौके पर दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस और विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते नितेश ने इस घातक कदम को अंजाम दिया। पुलिस जब आरोपी के घर पहुंची तो वह फरार था, लेकिन तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने उसे मात्र आधे घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
सम्बंधित ख़बरें
अभिनेत्री उषा चव्हाण के जमीन विवाद में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बड़ी एंट्री, TDR ट्रांजैक्शन पर लगाई रोक
नवी मुंबई में गुलाबी बहार! नेरुल के वेटलैंड्स पर उतरा हजारों फ्लेमिंगो का झुंड; देखें प्रकृति का यह नजारा
लाडकी बहीन योजना में अपात्र घोषित 70 लाख महिलाओं को मिला आखिरी मौका; दोबारा जमा कर सकेंगी दस्तावेज
संगठन सृजन अभियान के तहत कांग्रेस का बड़ा कदम, मुंबई में 7 हजार पदाधिकारी सीखेंगे राजनीति के गुर
पुलिस कर रही मामले में कार्रवाई
हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी नितेश जंजाल ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। अकोला पुलिस फिलहाल हत्या के पीछे के सटीक कारणों की गहराई से जांच कर रही है और मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
यह भी पढ़ें: बिहार के DGP की खुली चेतावनी: ‘गोली का जवाब गोली से’, अपराध में 25% की कमी और नक्सलियों का सफाया
यह सफल कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी. चंद्रकांत रेड्डी और उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन पाटिल के निर्देशन में की गई। इस ऑपरेशन को सिविल लाइन पुलिस स्टेशन की प्रभारी मालती कायटे के आदेशानुसार पुलिस कर्मचारी आशीष खंडारे, संतोष बागले, शक्ति कांबले और प्रदीप पवार की टीम ने अंजाम दिया।
