AIMIM का 3 दिन चला आमरण अनशन
AIMIM’s Fast Unto Death Ends: प्रधानमंत्री आवास योजना (घर कुल) के तहत प्रभाग क्रमांक 1, 2 और 7 के नागरिकों को अब तक लाभ न मिलने के विरोध में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का तीन दिन तक चला आमरण अनशन आखिरकार प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद समाप्त हुआ। इस अनशन का नेतृत्व आसिफ अहमद खान और जावेद पठान ने किया।
दोनों ने नगर निगम मुख्यालय के बाहर लगातार तीन दिन तक आमरण अनशन जारी रखा, जिसमें शहर के विभिन्न झोपड़पट्टी इलाकों के नागरिकों ने भी साथ दिया। प्रशासन की ओर से आज मनपा उपायुक्त विजय परतवार और नगर रचना अधिकारी गावंडे ने अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को लिखित रूप में आश्वासन दिया कि “प्रधानमंत्री आवास योजना (घरकुल) के तहत प्रभाग 1, 2 और 7 के पात्र नागरिकों के न्याय हेतु आवश्यक कार्रवाई तात्काल शुरू की जाएगी।”
मनपा अधिकारियों ने अनशन समाप्त करने की लिखित विनती भी की, जिसके बाद AIMIM पदाधिकारियों ने अनशन समाप्त किया। अनशन स्थल पर सरकारी अस्पताल की मेडिकल टीम भी पहुंची थी। इस अवसर पर मोहम्मद मुस्तफा, अब्दुल नासिर, शेख वसीम, रियाज़ अहमद, चाँद खान, रहमत खान, मोहम्मद इलियास, उजैर खान लोधी, शेख एजाज़ क़ादरी, वाहिद खान, महफूज़ खान और अब्दुल साजिद समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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‘हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी’
डॉक्टरों ने अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी और उन्हें भर्ती होने की सलाह दी थी। आंदोलन समाप्त करते हुए आसिफ अहमद खान और जावेद पठान ने कहा कि “यह लड़ाई गरीबों के हक़ की है। हमने मनपा के लिखित आश्वासन का सम्मान करते हुए अनशन समाप्त किया है, लेकिन अगर वादे पूरे नहीं हुए, तो आंदोलन पहले से भी ज़्यादा तीव्र किया जाएगा।”