(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Akola Municipal Corporation Development: प्रदेश भाजपा के महासचिव, विधायक रणधीर सावरकर ने बताया कि अकोला मनपा के विस्तारित क्षेत्र की समस्याएं हल करने के लिए सरकार कटिबद्ध है। करीब 10 करोड़ से अधिक की लागत से न्यू तापड़िया नगर क्षेत्र में मुख्य सड़क का निर्माण किया गया है। न्यू तापड़िया नगर के आरओबी का काम भी इस वर्ष के अंत तक पूरा करवाने का प्रयास है।
इसी तरह हाल ही में अकोला पूर्व विधान सभा चुनाव क्षेत्र के शहरी भाग हेतु 12 करोड़ रु। की विशेष निधि राज्य सरकार ने मंजूर की है। इससे भी इन क्षेत्रों में कई विकास कार्य होंगे।
इसी तरह जिन जिन क्षेत्रों को मनपा की सीमा में शामिल किया गया है, उन क्षेत्रों के विकास हेतु लगातार कार्य किए जा रहे हैं। कुछ वर्ष पूर्व जब अकोला मनपा की सीमा वृद्धि की गयी थी तब शहर से लगे कई छोटे छोटे गांव मनपा से जोड़ दिए गए थे। सीमा वृद्धि के बाद से यह क्षेत्र जैसे उपेक्षित से पड़े हैं।
अकोला शहर से लगे डाबकी, शिवापुर, बड़ी उमरी, गुड़धी, शिवर, खरप, शिलोडा, सोमठाणा, हिंगणा, अकोली खु. आदि गांवों की ग्राम पंचायतों का कब्जा अकोला मनपा ने उसी समय ले लिया था। वहां मनपा के कार्यालय शुरु किए गए थे। मनपा की सीमा वृद्धि के बाद करीब 24 गांव मनपा के अधिकार क्षेत्र में आ गए थे।
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अब इन सभी गांवों में पानी, प्रकाश व्यवस्था तथा साफ सफाई आदि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी मनपा की है। इसी तरह न्यू तापड़िया नगर क्षेत्र भी कुछ वर्ष पूर्व मनपा की सीमा में जोड़ दिया गया है।
मनपा की सीमा में आए न्यू तापड़िया नगर क्षेत्र में आवागमन के लिए आरओबी का निर्माण कार्य शुरू है। आनेवाले समय में दिसंबर तक इस आरओबी का काम पूरा हो जाएगा। न्यू तापड़िया नगर के मुख्य मार्ग का हाल ही में डामरीकरण किया गया है लेकिन अन्य छोटे छोटे रास्तों की हालत खराब है। पाईप लाइन आई है लेकिन उसका फैलाव बहुत जरूरी है।
शिवर गांव की हालत भी तारीफ करने लायक नहीं है। यहां भी लोगों के लिए अनेक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। शिवनी गांव में भी समस्याएं है। इन सभी क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जाना बहुत जरूरी है। इसी प्रकार की परीस्थिति शिवापुर की भी है। इस गांव का समावेश भी अकोला मनपा की सीमा में हो गया है। इस तरह शिवापुर और मलकापुर गांव की समस्याओं को भी हल किया जाना चाहिए।