पहली मंजिल के झोपड़ाधारकों का पुनर्वास संभव नहीं, मंत्री शंभूराज देसाई ने प्रश्नकाल के दौरान दी जानकारी
Maharashtra Slum Rehabilitation Policy: महाराष्ट्र के मंत्री शंभुराजे देसाई ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि मौजूदा नियमों के तहत झोपड़पट्टी की पहली मंजिल पर रहने वालों का पुनर्वास संभव नहीं है।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
Shambhuraj Desai statement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai News: झोपड़पट्टी पुनर्वास योजना के तहत झुग्गियों की पहली मंजिल पर रहने वाले लोगों को घर देने का प्रावधान फिलहाल मौजूदा नियमों में नहीं है। राज्य के मंत्री शंभूराज देसाई ने विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस विषय में नियमों में बदलाव पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा के बाद ही आगे कदम उठाए जाएंगे।
यह मुद्दा विधानसभा में सुनील प्रभु, वरुण सरदेसाई और असलम शेख सहित कई सदस्यों ने उठाया था। सदस्यों ने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) की झोपड़पट्टियों में बड़ी संख्या में लोग ऊपरी मंजिलों पर भी रहते हैं, लेकिन उन्हें पुनर्वास योजना में शामिल नहीं किया जाता।
मुंबई को वास्तव में झोपड़पट्टी मुक्त बनाना है
चर्चा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण(एसआरए) की मौजूदा योजना के अनुसार केवल जमीन से सटे ढांचे को ही नंबर देकर एनेक्सचर-2 में शामिल किया जा सकता है।
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हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुंबई को वास्तव में झोपड़पट्टी मुक्त बनाना है तो निचली मंजिल के साथ-साथ ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोगों को भी पुनर्वास का लाभ देना जरूरी होगा। उन्होंने तर्क दिया कि यदि केवल निचली मंजिल के लोगों को घर दिया जाएगा और ऊपरी मंजिल के निवासियों को बाहर रखा जाएगा, तो वे कहीं और झुग्गी बनाकर रहने को मजबूर हो सकते हैं।
2011 से पहले के निवासियों को घर देने की मांग
विधानसभा में चर्चा के दौरान यह भी कहा गया कि सरकार को सभी पहलुओं पर विचार करते हुए ऐसे लोगों को भी घर देने पर विचार करना चाहिए, जिनके पास वर्ष 2011 से पहले से वहां रहने के प्रमाण उपलब्ध हैं। मंत्री शंभुराजे देसाई ने आश्वासन दिया कि सरकार इस मुद्दे पर सकारात्मक रुख अपनाने की संभावना पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में इस विषय पर चर्चा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
