Ahilyanagar News: नाबालिग लड़कियों के अपहरण और दुर्व्यवहार के मामले में युवक को 4 साल की जेल
अहिल्यानगर: जिला अदालत ने राहुरी तालुका के उंब्रे निवासी आरोपी सोमनाथ उर्फ ऋषिकेश हापसे को 3 नाबालिग लड़कियों के अपहरण, छेड़छाड़ और प्रताड़ना के मामले में 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
- Written By: आंचल लोखंडे
युवक 4 साल की जेल। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
अहिल्यानगर: जिला अदालत ने राहुरी तालुका के उंब्रे निवासी आरोपी सोमनाथ उर्फ ऋषिकेश हापसे को 3 नाबालिग लड़कियों के अपहरण, छेड़छाड़ और प्रताड़ना के मामले में 4 साल के कठोर कारावास और 3,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
इस घटना की शिकार तीनों नाबालिग लड़कियां 12 सितंबर 2023 की रात अहिल्यानगर शहर के अप्पू हट्टी चौक की सड़कों पर घूम रही थीं। उसी समय आरोपी सोमनाथ उर्फ ऋषिकेश हापसे वहां आया।
चाइल्ड हेल्पलाइन के बहाने दिया था घटना को अंजाम
‘मैं चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए काम करता हूं, मैं तुम्हारी मदद करूंगा’ के बहाने उसने लड़कियों का अपहरण किया और उन्हें अपने घर ले गया। उस समय, आरोपी हापसे ने दो लड़कियों के साथ दुराचार किया और एक नाबालिग लड़की के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन संबंध बनाए। अगले दिन, हापसे ने लड़कियों को अहिल्यानगर में रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दिया।
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पॉक्सो समेत अपहरण और प्रताड़ना का मामला
इसके बाद तीनों लड़कियां हैदराबाद चली गईं। इस बीच तोपखाना थाने में अपहरण का मामला दर्ज हुआ। पुलिस उपनिरीक्षक पूनम श्रीवास्तव ने मामले की गहन जांच की और पीड़ित लड़कियों को हैदराबाद से अहिल्यानगर लाकर उनके बयान दर्ज किए। आरोपी सोमनाथ उर्फ ऋषिकेश हापसे के खिलाफ पॉक्सो समेत अपहरण और प्रताड़ना का मामला दर्ज किया गया।
4 साल के सश्रम कारावास की सजा
विशेष जिला न्यायाधीश माथुरी मोरे ने सरकारी अभियोजकों की दलीलों और सभी सबूतों पर विचार करने के बाद आरोपी सोमनाथ उर्फ ऋषिकेश एकनाथ हापसे (32, निवासी उंब्रे, तालुका राहुरी) को इस मामले में दोषी पाया और उसे 4 साल के सश्रम कारावास और 3,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले की सुनवाई विशेष सरकारी अभियोजक मनीषा केलगंद्रे-शिंदे ने की। बचाव पक्ष के पुलिस कांस्टेबल अडसुल, कांस्टेबल मुश्ताक शेख और सहायक पुलिस निरीक्षक नितिन गायकवाड़ ने उनकी सहायता की।
11 गवाहों के बयानों की जांच
इस मामले की सुनवाई जिला न्यायालय में शुरू हुई। मामले में सरकारी पक्ष ने कुल 11 गवाहों के बयानों की जांच की। शिकायतकर्ता, नाबालिग पीड़ित लड़कियों, पांच गवाहों, प्रिंसिपल, मेडिकल ऑफिसर, जांच अधिकारी और नगर निगम के मुखबिरों के बयान दर्ज किए गए। इनमें से तीन नाबालिग पीड़ितों में से एक जिरह में फेल हो गई। इस सुनवाई में सरकारी अभियोजकों ने दलीलें दीं और मांग की कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
