प्रॉपर्टी कानून में सरलता, 2011 से पहले बने घरों को मिलेगा मालिकाना हक, शिरडी में मंत्री बावनकुले का बड़ा ऐलान
Chandrashekhar Bawankule: शिरडी में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नागरिकों की प्रॉपर्टी सुरक्षा, रेवेन्यू कानूनों में सुधार और 2011 से पहले बने घरों के नियमितीकरण के लिए अहम फैसलों की घोषणा की।
- Written By: आंचल लोखंडे
Chandrashekhar Bawankule (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Revenue Department: राज्य के राजस्व विभाग के तहत आने वाले नागरिकों की प्रॉपर्टी की सुरक्षा करना सरकार का पहला कर्तव्य है और रेवेन्यू कानून की पेचीदगियों को दूर करने और नागरिकों को आसान सुविधाएं देने के लिए नए कानून बनाकर प्रशासन को लोगों के हित में बनाया जाएगा, ऐसा राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शिरडी में कहा। वे नागरिकों की समस्याएं सुनने और उन्हें सीधे हल करने के लिए शिरडी एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ऑफिस में रखी गई पब्लिक मीटिंग में बोल रहे थे।
इस मौके पर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. पंकज आसिया, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर बालासाहेब कोलेकर, कोपरगांव की पूर्व MLA स्नेहलता कोल्हे, रहाता क्र. यू. बा. कमेटी के चेयरमैन ज्ञानेश्वर गोदकर, शैलेश हिंगे, एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस सोमनाथ वाकचौरे, रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर दादासाहेब गीते, शिरडी सब-डिविजनल ऑफिसर माणिक आहेर आदि मौजूद थे।
पांदन सड़कों बनाया जाएगा
राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा कि खेती की सड़कों के झगड़ों को सुलझाने के लिए अगले पांच साल में सभी पांदन सड़कों को बारहमासी बनाया जाएगा और उनके किनारों पर पेड़ लगाए जाएंगे। लोगों को सातबारा उतारा पर मरे हुए लोगों के नाम कटवाने के लिए ज़्यादा चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए तहसीलदार खुद संज्ञान लेकर काम करें। इस मौके पर राजस्व मंत्री ने खुद दो सौ से ज़्यादा लोगों की शिकायतें स। इनमें से कुछ शिकायतों का मौके पर ही फैसला किया गया, जबकि कुछ को पंद्रह दिन के अंदर निपटाने का भरोसा दिया गया।
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गरीबों को अब उनके हक का घर मिलेगा
गरीबों को उनके हक का घर मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। इसके मुताबिक, 2011 से पहले बिना खेती की ज़मीन और सरकारी ज़मीन पर बने रिहायशी घरों को रेगुलराइज़ किया जाएगा। इस फैसले भटके विमुक्त और पारधी समुदायों समेत कई गरीब लोगों को बहुत मदद मिलेगी। बावनकुले ने यह भी कहा कि इन घरों को ग्राम पंचायत ऑफिस में सिर्फ़ 1,000 रुपये की फीस लेकर रजिस्टर किया जाएगा और मालिकाना हक दिया जाएगा। इंट्रोडक्शन में कोलेकर ने रेवेन्यू डिपार्टमेंट की गैर-कृषि परमिशन को कानून से कैंसिल करने, बिना सर्वे के नियमों के हिसाब से घरों के लिए प्लॉट खरीदने, 500 रुपये के स्टाम्प पर फैमिली अलॉटमेंट लेटर रजिस्टर करने और सातबारा उतारा पर पुरानी एंट्री हटाने के बारे में जानकारी दी।
अपर जिल्हाधिकारी कार्यालय, शिर्डी येथे विविध विषयांवरची निवेदने घेऊन आलेल्या नागरिकांशी संवाद साधला. प्रत्येकाची मागणी समजून घेऊन त्याबाबत तत्काळ कार्यवाही करण्याचे निर्देश संबंधित अधिकाऱ्यांना दिले. जनतेच्या प्रश्नांना संवेदनशीलतेने व तत्परतेने न्याय मिळावा, यासाठी फडणवीस सरकार… pic.twitter.com/0VqZd8v36T — Chandrashekhar Bawankule (@cbawankule) April 26, 2026
पेंडिंग केस के बारे में अधिकारियों को निर्देश
बावनकुले ने रेवेन्यू डिपार्टमेंट में पेंडिंग केस के बारे में अधिकारियों को निर्देश दिए। अगर अधिकारी अपने लेवल पर लोगों की दिक्कतें सुलझा लें, तो लोगों पर मिनिस्ट्री तक आने का समय नहीं आएगा। उन्होंने रेवेन्यू केस की सुनवाई में तारीख पर तारीख देने के बजाय सिर्फ दो तारीखों में फैसला करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर दूसरी तारीख को लिखित दलीलें नहीं मिलीं, तो एकतरफा आदेश जारी किए जाएंगे।
डिस्ट्रिक्ट लेवल पर समस्याओं का समाधान करेंगे
जिलाधिकारी डॉ. आशिया ने कहा, जिला प्रशासन नागरिकों की सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। नॉन-एग्रीकल्चरल परमिशन, रेत पॉलिसी, एग्रीकल्चरल लैंड और फ्रैगमेंटेशन लॉ के बारे में सरकार द्वारा लिए गए पब्लिक यूटिलिटी फैसलों को जिला स्तर पर असरदार तरीके से लागू किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि राज्य और देश की आर्थिक तरक्की में रेवेन्यू और लैंड रिकॉर्ड्स डिपार्टमेंट का योगदान बहुत अहम है।
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साल 2047 तक देश को ‘विकसीत भारत‘ बनाने के लक्ष्य को पाने के लिए काम कर रही है। गांव लेवल के कोतवाल, तलाठी से लेकर सीनियर ऑफिसर तक सभी इस समाधान के लिए कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों की समस्याओं का जितना हो सके डिस्ट्रिक्ट लेवल पर समाधान किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर कानून या सरकारी फैसले में बदलाव करने के लिए सरकार से फॉलो-अप किया जाएगा।
