तेंदुए का खेतों में उत्पात, पालतू पशुओं पर हमले जारी, सात्रल में आतंक
Leopard Terror: सात्रल गांव में तेंदुए का आतंक बढ़ा है। बकरी व बच्चे पर हमला किया गया। पंचनामा न होने पर किसानों में आक्रोश व्याप्त है। सुरक्षा के इंतजाम और पिंजरा लगाने की मांग तेज हुई है।
- Written By: आंचल लोखंडे
पंचनामा न होने पर किसानों में रोष (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar News: राहुरी तालुका क्षेत्र के सात्रल इलाके में तेंदुए की लगातार मौजूदगी से ग्रामीण और किसान दहशत में हैं। भारत सखाराम दुके के वस्ती क्षेत्र में आधी रात तेंदुए ने घुसपैठ कर एक बकरी और उसका बच्चा उठा ले जाने की चौंकाने वाली घटना सामने आई। रात करीब दो से तीन बजे के बीच हुए इस हमले के बाद दो गांवों के किसान सहम गए हैं और बकरी मालिक को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, दुके के खेत के गोठे में कुल 8 से 10 बकरे बांधे गए थे। अचानक हुई हलचल पर जब घर के सदस्य बाहर आए तो तेंदुआ बकरी को मुंह में दबाकर खेत के किनारे की ओर भागता दिखाई दिया। कुछ दूरी पर बकरी के बच्चे को घसीटकर ले जाने के स्पष्ट निशान भी मिले। इस घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई है और किसानों ने रात के समय खेतों में जाने से परहेज़ शुरू कर दिया है।
वन विभाग के प्रति नाराज़गी
किसान भारत दुके ने बताया कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में तेंदुए की आवाजाही दिख रही थी। रात दौरान खेतों में जाते समय भी कई लोगों ने उसकी गतिविधियां महसूस की थीं। दो दिन पहले भी तेंदुए ने पास के खेत के गोठे पर छलांग लगाई थी। ग्रामीणों ने वन विभाग को कई बार सूचना दी थी, लेकिन त्वरित कार्रवाई नहीं हुई। जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है।
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पिंजरा लगाने का आश्वासन-लेकिन देर से कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने के बावजूद वन विभाग के अधिकारी रात में मौके पर नहीं पहुंचे। पंचनामा तुरंत नहीं होने पर किसान भड़क उठे। हालांकि सुबह रेंज फॉरेस्ट अधिकारी कोरके और मुसे सात्रल पहुंचे और परिस्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए जल्द पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया है।
सावधानी बरतने की अपील
घटना के बाद गांव में चेतावनी और एहतियात बरतने की सूचना जारी की गई है। रात में अकेले खेतों में न जाएं,टॉर्च का उपयोग करें,खेतों के किनारे रोशनी की व्यवस्था करें। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों पर तुरंत नियंत्रण न हुआ तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उनका आरोप है कि वन विभाग की ढिलाई के कारण स्थिति भयावह होती जा रही है।
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स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी बढ़ता खतरा
ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि तेंदुए का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ रहा है और स्कूल जाने वाले बच्चों, रात में सिंचाई के लिए खेतों में जाने वाले किसानों तथा अन्य ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पिंजरा लगाकर तेंदुए को जल्द नहीं पकड़ा गया तो गंभीर हादसा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। वर्तमान में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने का कार्य शुरू हो गया है और ग्रामीण वन विभाग से तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।
