राहुरी में महाविकास अघाड़ी के भीतर ‘फाइट’? कांग्रेस के दो बागियों ने भरा पर्चा, शरद पवार के सामने चुनौती
Rahuri Bypoll 2026: राहुरी उपचुनाव में शरद पवार के उम्मीदवार गोविंद मोकाटे के खिलाफ कांग्रेस के दो बागियों ने भरा पर्चा। क्या एकजुट रह पाएगी MVA?
- Written By: अनिल सिंह
Sharad Pawar NCP Rahuri (फोटो क्रेडिट-X)
Sharad Pawar NCP Rahuri: महाराष्ट्र की राहुरी विधानसभा उपचुनाव 2026 की राजनीतिक तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है, लेकिन महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं दिख रहा है। शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) ने अंतिम क्षणों में बड़ा दांव खेलते हुए गोविंद मोकाटे को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। हालांकि, इस फैसले ने कांग्रेस खेमे में हलचल मचा दी है, जहाँ पार्टी के दो स्थानीय पदाधिकारियों, सुरेश लांबे और अथर्व म्हासे ने निर्दलीय (बिना एबी फॉर्म) के तौर पर नामांकन दाखिल कर शरद पवार के समीकरणों को चुनौती दे दी है।
बता दें कि यह उपचुनाव भाजपा विधायक शिवाजी कर्डिले के निधन के कारण हो रहा है। भाजपा ने यहाँ से उनके पुत्र अक्षय कर्डिले को मैदान में उतारा है। पहले यह माना जा रहा था कि राहुरी सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है और पूर्व मंत्री बालासाहेब थोरात सक्रिय रूप से उम्मीदवार की तलाश कर रहे थे, लेकिन अंततः शरद पवार ने यहाँ अपना अधिकार बरकरार रखा।
तनपुरे का पीछे हटना और मोकाटे की एंट्री
राहुरी की राजनीति में बड़ा मोड़ तब आया जब पूर्व मंत्री प्रजक्त तनपुरे ने चुनाव न लड़ने का फैसला किया। इसके बाद शरद पवार ने तुरंत अपनी रणनीति बदली और गोविंद मोकाटे के नाम पर मुहर लगाई। मोकाटे ने नामांकन के अंतिम दिन, शिवसेना (UBT) और एनसीपी (SP) के पदाधिकारियों की मौजूदगी में अपना पर्चा दाखिल किया। शरद पवार की इस चाल का उद्देश्य महाविकास अघाड़ी की एकजुटता दिखाना था, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवारों के नामांकन ने ‘दोस्ताना मुकाबले’ की स्थिति पैदा कर दी है।
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कांग्रेस के बागी और थोरात की भूमिका
कांग्रेस के सुरेश लांबे और अथर्व म्हासे का नामांकन पत्र भरना एमवीए के लिए चिंता का विषय है। हालांकि इन उम्मीदवारों को पार्टी का एबी फॉर्म नहीं मिला है, लेकिन इनका मैदान में डटे रहना भाजपा के लिए राह आसान कर सकता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बालासाहेब थोरात और शरद पवार इन बागियों को नाम वापस लेने के लिए कैसे मनाते हैं। नामांकन वापसी के दिन ही साफ होगा कि कांग्रेस अपने कैडरों को अनुशासन का पाठ पढ़ा पाती है या नहीं।
भाजपा के लिए कड़ा मुकाबला
राहुरी उपचुनाव में कुल 30 उम्मीदवारों ने 42 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं, जो इस सीट के महत्व को दर्शाते हैं। शिवसेना (UBT) के संजय राउत ने स्पष्ट किया है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना पूरी तरह शरद पवार के उम्मीदवार के साथ है। उधर, भाजपा इस आंतरिक कलह का फायदा उठाने की कोशिश में है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस के बागी मैदान में बने रहते हैं, तो भाजपा के अक्षय कर्डिले को ‘सहानुभूति’ और ‘वोटों के बंटवारे’ का दोहरा लाभ मिल सकता है।
